लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के युवाओं को ग्लोबल मार्केट के लिए तैयार करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। प्रदेश के करीब 1 लाख युवाओं को फ्री डिजिटल स्किल ट्रेनिंग देने के लिए सरकार ने मुंबई में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश इंडस्ट्री कनेक्ट’ कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है।
यह समझौता श्रम एवं सेवायोजन विभाग और दिग्गज डिजिटल कंपनी वन ओटीटी (1 OTT) एंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच हुआ है। इस पहल का सीधा लाभ उन युवाओं को मिलेगा जो पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीक में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
किन क्षेत्रों में मिलेगी ट्रेनिंग?
डिजिटल सेक्टर की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम को बेहद आधुनिक रखा गया है। इसके तहत युवाओं को निम्नलिखित उभरते क्षेत्रों में तैयार किया जाएगा:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): भविष्य की तकनीक में महारत।
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साइबर सुरक्षा (Cyber Security): डेटा और नेटवर्क को सुरक्षित रखने का हुनर।
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डेटा एनालिटिक्स: डेटा के जरिए बिजनेस को समझने की कला।
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ऑटोमेशन: मशीनी कार्यों को स्मार्ट बनाने की ट्रेनिंग।
क्यों खास है यह समझौता?
इस कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल डिग्री बांटने पर नहीं, बल्कि ‘रोजगार क्षमता’ (Employability) बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि यूपी का युवा केवल नौकरी ढूंढने वाला न बने, बल्कि तकनीकी रूप से इतना सक्षम हो कि उद्योग खुद उन्हें तलाशें।
श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शनमुग सुंदरम के अनुसार, वन ओटीटी के साथ यह साझेदारी उद्योगों और स्किल्ड वर्कफोर्स के बीच की दूरी को कम करेगी। युवाओं को वही सिखाया जाएगा जिसकी मांग वर्तमान में बड़ी निजी कंपनियों और मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशन्स में है।
रोजगार के नए द्वार खुलेंगे
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में इस स्तर का डिजिटल प्रशिक्षण ‘ब्रेन ड्रेन’ को रोकेगा। अब युवाओं को हाई-टेक स्किल सीखने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
बड़ी बात: यह प्रशिक्षण न केवल सरकारी नौकरियों में बल्कि निजी क्षेत्र (Private Sector) और फ्रीलांसिंग की दुनिया में भी युवाओं के लिए आय के नए स्रोत खोलेगा।
आगे क्या होगा?
जल्द ही सेवायोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और पोर्टल्स पर इस प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण (Registration) की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। युवाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज़ और बेसिक डिजिटल जानकारी तैयार रखें।
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