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NEET UG 2026: 21 जून को होगी दोबारा परीक्षा, अगले साल से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट; शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

नई दिल्ली । शुक्रवार, 15 मई 2026

नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में मचे हंगामे के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज शुक्रवार (15 मई) को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार के लिए छात्रों का हित और परीक्षाओं की शुचिता सबसे ऊपर है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रहे भ्रम को दूर करते हुए आगामी सुधारों और परीक्षा की नई तिथियों का ब्योरा साझा किया।

21 जून को होगी नीट की दोबारा परीक्षा

पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) अब 21 जून, 2026 को नीट-यूजी की परीक्षा दोबारा आयोजित करेगी। यह परीक्षा पहले 3 मई को हुई थी, जिसे अनियमितताओं के कारण 12 मई को रद्द कर दिया गया था।

परीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण तिथियां और बदलाव:

  • प्रवेश पत्र (Admit Card): 14 जून तक आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।

  • शहर का चयन: छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा केंद्र (शहर) बदलने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।

  • अतिरिक्त समय: छात्रों के मानसिक दबाव को समझते हुए इस बार परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया गया है।

बड़ा बदलाव: 2027 से OMR नहीं, ऑनलाइन होगी परीक्षा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने भविष्य की परीक्षाओं के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की। उन्होंने कहा कि “अगले वर्ष (2027) से नीट की परीक्षा पेन-पेपर मोड (OMR) के बजाय कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) के रूप में आयोजित की जाएगी।” यह कदम पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए उठाया जा रहा है।

CBI जांच और सख्त कार्रवाई

शिक्षा मंत्री ने बताया कि पेपर लीक मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि 7 मई को एनटीए को गेस पेपर के कुछ प्रश्न लीक होने की जानकारी मिली थी, जिसकी जांच में स्पष्ट हुआ कि शिक्षा माफियाओं ने साजिश रची थी। सीबीआई अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगी ताकि भविष्य में कोई भी परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ न कर सके।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।