गाजियाबाद । सोमवार, 15 जून 2026
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से इस वक्त अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की एक बहुत बड़ी और सख्त कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। दिल्ली से बिल्कुल सटे गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित ट्रॉनिका सिटी (Tronica City) के सेक्टर सी-1 (C-1) में रविवार को जिला प्रशासन और यूपीसीडा (UPSIDA) की टीम ने मिलकर भारी सुरक्षा घेरे के बीच एक कथित अवैध मजार को पूरी तरह से ध्वस्त (Demolish) कर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के नेतृत्व में सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
आखिर क्यों और कैसे हुई यह कार्रवाई?
आमतौर पर ऐसी कार्रवाइयों को अचानक लिया गया फैसला माना जाता है, लेकिन प्रशासन के मुताबिक यह कदम पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के बाद उठाया गया है। आइए इस मामले से जुड़ी कुछ मुख्य और नवीनतम कड़ियों को समझते हैं:
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ग्रीन बेल्ट पर था कब्जा: ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 के पास जिस जमीन पर यह मजार और उसके साथ एक कमरा बना हुआ था, वह असल में यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की संपत्ति है और कागजात में इसे ‘ग्रीन बेल्ट’ (हरित पट्टी) घोषित किया गया है।
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नोटिस की सच्चाई: स्थानीय सूत्रों और यूपीसीडा के अधिकारियों के मुताबिक, इस अतिक्रमण को लेकर जनवरी 2026 में ही मजार पर बकायदा नोटिस चस्पा किया गया था। संबंधित पक्ष को अपना निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब जाकर रविवार को बुलडोजर एक्शन लिया गया।
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9 साल पुराना मामला: बताया जा रहा है कि यह मजार काफी पुरानी थी, लेकिन यूपीसीडा के रिकॉर्ड में साल 2017 में इस अवैध निर्माण की पुष्टि हुई थी। कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी करने में काफी समय लगा और आखिरकार अब जाकर इस जमीन को मुक्त कराया गया है।
सूर्या चौहान हत्याकांड के बाद एक्शन मोड में गाजियाबाद प्रशासन
इस कार्रवाई के पीछे का एक बड़ा बैकग्राउंड (पृष्ठभूमि) गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में हुआ सूर्या चौहान हत्याकांड भी है। इस घटना के बाद से ही जिला प्रशासन और पुलिस बेहद सख्त रुख अपनाए हुए है। हाल के दिनों में गाजियाबाद के अलग-अलग इलाकों में कई अवैध निर्माणों पर गाज गिरी है:
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डासना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने एक अवैध मदरसे को ध्वस्त किया गया।
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मानकों पर खरा न उतरने के कारण जिले के करीब 5 अवैध मदरसों को सील किया गया।
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मोदीनगर में जामा मस्जिद के पास बनी 14 अवैध दुकानों को भी पूरी तरह हटा दिया गया।
450 सुरक्षाकर्मियों का अभेद्य किला और शांतिपूर्ण कार्रवाई
चूंकि मामला एक धार्मिक स्थल के ढांचे से जुड़ा था, इसलिए प्रशासन ने किसी भी तरह की अफवाह, अप्रिय स्थिति या कानून-व्यवस्था बिगड़ने के खतरे को भांपते हुए पहले से ही तगड़ी घेराबंदी कर ली थी।
कार्रवाई के दौरान ट्रॉनिका सिटी के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मौके पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और लोनी के स्थानीय थानों की पुलिस समेत लगभग 400 से 450 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम लोनी दीपक सिंघनवाल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने खुद मौके पर रहकर पूरी कार्रवाई की लाइव मॉनिटरिंग की, जिसके चलते पूरा ध्वस्तीकरण बेहद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
अब आगे क्या? दोषियों पर दर्ज होगी FIR
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बात सिर्फ ढांचा गिराने तक ही खत्म नहीं होगी। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने मीडिया को बताया कि अब पुलिस और प्रशासन इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि आखिर इस सरकारी जमीन पर मजार और कमरे का निर्माण सबसे पहले किसने और किसके शह पर शुरू करवाया था।
अवैध निर्माण कराने वाले मुख्य आरोपियों और भू-माफियाओं की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ बहुत जल्द एफआईआर (FIR) दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कड़ा एक्शन अन्य भू-माफियाओं के लिए भी एक सीधा संदेश है कि सार्वजनिक या सरकारी संपत्तियों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Matribhumisamachar


