लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना देहली गेट क्षेत्र के जली कोठी निवासी एक महिला और उसकी बेटी पर पिछले तीन दशकों से बिना भारतीय नागरिकता के अवैध रूप से रहने और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मां-बेटी के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता रुकसाना (निवासी कोठी अतानस) ने एसएसपी और एसपी सिटी को दी अपनी तहरीर में बताया कि जली कोठी की नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने साल 1988 में एक पाकिस्तानी नागरिक सबा उर्फ नाजी से निकाह किया था। आरोप है कि सबा ने 1993 में पाकिस्तान में अपनी चौथी बेटी ऐमन फरहत को जन्म दिया और उसे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत लेकर आई।
हैरानी की बात यह है कि ऐमन ने मेरठ के एक प्रतिष्ठित स्कूल में शिक्षा प्राप्त की, लेकिन उसे कभी भारतीय नागरिकता नहीं दिलाई गई। शिकायत के अनुसार, मां-बेटी आज भी पाकिस्तानी नागरिक हैं, लेकिन उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिए हैं।
ISI से संबंधों और जासूसी के आरोप
रुकसाना ने अपनी शिकायत में बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं:
-
स्लीपर सेल: आरोप है कि सबा के पिता हनीफ पाकिस्तान में ISI एजेंट हैं और सबा व उसकी बेटी भारत में ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने का काम कर रही हैं।
-
गोपनीय सूचनाएं: ये दोनों कथित तौर पर दिल्ली के मंत्रालयों और सैन्य इलाकों (Cantt areas) में घूमकर गोपनीय जानकारियां जुटाती हैं और उन्हें पाकिस्तान भेजती हैं।
-
दोहरी पहचान: सबा ने वोटर लिस्ट में ‘सबा मसूद’ और ‘नाजिया मसूद’ के नाम से दो अलग-अलग पहचान पत्र बनवा रखे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एसपी सिटी से इसकी प्रारंभिक जांच कराई गई थी। जांच में फर्जी दस्तावेजों के साक्ष्य मिलने के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है:
-
धारा 338: जाली दस्तावेज बनाना (10 साल से उम्रकैद तक की सजा)।
-
धारा 318 (4): धोखाधड़ी और संपत्ति हथियाने की साजिश।
-
धारा 340 (2): फर्जी कागजों को असली बताकर इस्तेमाल करना।
-
धारा 351 व 352: जान से मारने की धमकी देना और सार्वजनिक शांति भंग करना।
“मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
— अविनाश पांडेय, एसएसपी मेरठ
Matribhumisamachar


