लखनऊ | रविवार, 16 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 75 जिलों के 93,870 से अधिक राजस्व गांवों में e-Khasra / डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) अभियान को तेजी से लागू किया है। खरीफ फसल सीजन के दौरान खेतों में बोई गई वास्तविक फसलों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस व्यवस्था से पारंपरिक कागजी लिखापढ़ी पर निर्भरता समाप्त होगी और किसानों को पारदर्शी सेवाएं प्राप्त होंगी।
डिजिटल क्रॉप सर्वे क्या है और यह कैसे काम करता है?
डिजिटल क्रॉप सर्वे ‘AgriStack’ (एग्रीस्टैक) पहल का एक हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रत्येक खेत (खसरा नंबर) में बोई गई फसल की सटीक जानकारी को जीपीएस (Geo-referencing) और मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे खेत पर जाकर दर्ज करना है।
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ऑन-ग्राउंड वेरिफिकेशन: सर्वेक्षक खुद खेत पर पहुंचकर फसल की लाइव तस्वीर और लोकेशन के साथ डेटा अपलोड करते हैं।
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कागजी झंझट से मुक्ति: पटवारी या पारंपरिक खसरा-खतौनी के चक्कर काटने के बजाय पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पोर्टल पर रियल-टाइम उपलब्ध होगी।
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खरीफ फसलों पर विशेष ध्यान: धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उड़द, मूंग और तिल जैसी फसलों का ब्योरा प्राथमिकता से जोड़ा जा रहा है।
किसानों को ई-खसरा डिजिटल रिकॉर्ड से मिलने वाले 4 बड़े लाभ
| लाभ का क्षेत्र | विवरण |
| प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना | फसल नुकसान के दावे के दौरान बोई गई फसल के सत्यापन में देरी नहीं होगी, जिससे बीमा क्लेम का त्वरित भुगतान होगा। |
| आपदा मुआवजा | बाढ़, सूखा या जलभराव जैसी प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित खेतों और फसलों की तुरंत पहचान कर राहत राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी। |
| सरकारी खरीद (MSP) | न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अनाज बेचते समय बोई गई फसल का सटीक डेटा होने से बिचौलियों का हस्तक्षेप समाप्त होगा। |
| सरकारी सब्सिडी व योजनाएं | पीएम किसान सम्मान निधि और खाद-बीज सब्सिडी जैसी योजनाओं का लाभ लक्षित और वास्तविक किसानों तक पहुंचेगा। |
एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़ेगा पूरा डेटाबेस
उत्तर प्रदेश में लगभग 6.6 करोड़ खसरा नंबरों को जियो-रेफरेंस करके डिजिटल रूप से एग्रीस्टैक पोर्टल से जोड़ा जा रहा है। इससे कृषि विभाग, राजस्व विभाग, बैंक और बीमा कंपनियां एक ही प्रमाणित डेटा का उपयोग कर सकेंगी। यह एकीकृत व्यवस्था आने वाले समय में किसानों को आसानी से केसीसी (KCC) और कृषि ऋण प्राप्त करने में मदद करेगी।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1: ई-खसरा/डिजिटल क्रॉप सर्वे क्या किसानों को खुद करना होगा?
नहीं, यह सर्वे सरकार द्वारा नियुक्त सर्वेक्षकों और राजस्व/कृषि विभाग के कर्मचारियों द्वारा खेतों पर जाकर किया जाता है।
Q2: क्या इस सर्वे से भूमि ownership (स्वामित्व) पर कोई असर पड़ेगा?
नहीं, यह केवल खेत में उगाई गई फसल का रिकॉर्ड (Crop Records) दर्ज करने के लिए है, इससे जमीन की मालिकाना हक की स्थिति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
Q3: डिजिटल रिकॉर्ड सही दर्ज हुआ है या नहीं, किसान यह कैसे जांच सकते हैं?
किसान यूपी कृषि विभाग और यूपी भूलेख पोर्टल/ऐप के जरिए अपने खसरा नंबर का डिजिटल रिकॉर्ड चेक कर सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक घोषणाओं और राजस्व/कृषि विभाग द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। योजनाओं के नियम और क्रियान्वयन की तिथियां समय-समय पर शासन द्वारा अपडेट की जा सकती हैं।
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