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यूपी में ‘कोल्ड वेव’ का कहर: कानपुर, लखनऊ और सहारनपुर समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी बढ़ी, जानें नई टाइमिंग्स

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और ‘कोल्ड वेव’ (शीतलहर) का प्रकोप जारी है। आज 17 जनवरी 2026 को कानपुर, लखनऊ और सहारनपुर सहित कई जिलों में जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियों और समय में बदलाव के कड़े निर्देश दिए हैं।

1. कानपुर (Kanpur Nagar & Dehat)

  • छुट्टी का अपडेट: कानपुर में कड़ाके की ठंड और कोहरे के कारण कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय/मान्यता प्राप्त/CBSE/ICSE स्कूलों में 17 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है।

  • बड़ी कक्षाओं के लिए: कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाएं संचालित रहेंगी, लेकिन इनके समय में बदलाव किया गया है। भारी कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

2. लखनऊ (Lucknow)

  • समय में बदलाव: लखनऊ के जिलाधिकारी ने छोटे बच्चों (कक्षा 8 तक) के लिए पहले ही राहत दी थी। वर्तमान में अधिकांश स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक की भौतिक कक्षाएं स्थगित हैं या ऑनलाइन मोड में चल रही हैं।

  • कक्षा 9-12: इन कक्षाओं के लिए सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है ताकि सुबह के घने कोहरे से बचा जा सके।

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3. सहारनपुर और पश्चिमी यूपी (Saharanpur & Western UP)

  • सहारनपुर/नोएडा/बरेली: सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में ठंड का असर सबसे अधिक है। यहाँ 17 जनवरी तक कक्षा 8 तक के स्कूल पूरी तरह बंद हैं। चूँकि कल 18 जनवरी को रविवार है, इसलिए अब स्कूल 19 जनवरी (सोमवार) को खुलने की संभावना है।

  • गौतम बुद्ध नगर (नोएडा): यहाँ भी नर्सरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों में आज की छुट्टी घोषित की गई है।

4. अन्य जिले (लखीमपुर खीरी और बदायूं)

  • लखीमपुर खीरी: यहाँ प्रशासन ने और भी सख्त कदम उठाते हुए कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है।

महत्वपूर्ण निर्देश (अभिभावकों के लिए):

“चूँकि मौसम की स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए किसी भी भ्रम से बचने के लिए अपने स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या स्कूल प्रबंधन से संपर्क अवश्य करें। जिलाधिकारी के आदेश सभी बोर्ड (UP Board, CBSE, ICSE) पर समान रूप से लागू होते हैं।”

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।