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‘शौर्य वाटिका’ में दिखेगी भारतीय नौसेना की ताकत: TU-142 और सी किंग हेलीकॉप्टर होंगे मुख्य आकर्षण

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. सीजी सिटी (एकना स्टेडियम के पास) में बन रहा ‘नौसेना शौर्य संग्रहालय’ उत्तर भारत का अपनी तरह का पहला मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स होगा। यह न केवल नौसेना की ताकत का प्रतीक होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक नया सितारा भी बनेगा।

मुख्य आकर्षण और सुविधाएं:

  • INS गोमती (F-21): यह इस संग्रहालय का मुख्य केंद्र (Centerpiece) है। 34 वर्षों तक देश की सेवा करने वाला यह स्वदेशी मिसाइल फ्रिगेट अब पर्यटकों के लिए खुला रहेगा।

  • युद्धक विमान और हेलीकॉप्टर: संग्रहालय की ‘शौर्य वाटिका’ में TU-142 (समुद्री निगरानी विमान) और सी किंग (SK-42B) हेलीकॉप्टर प्रदर्शित किए जाएंगे, जिन्हें तमिलनाडु के आईएनएस राजाली से लाया जा रहा है।

  • अत्याधुनिक अनुभव: यहाँ पर्यटकों के लिए 7D थिएटर, वॉरशिप सिमुलेटर और एयरक्राफ्ट कैरियर लैंडिंग सिमुलेटर जैसी सुविधाएं होंगी, जहाँ आप वर्चुअली विमान उड़ाने का अनुभव ले सकेंगे।

  • डिजिटल गैलरी: नौसेना के इतिहास, ऑपरेशंस और छत्रपति शिवाजी महाराज की नौसैनिक विरासत को डिजिटल माध्यम से दिखाया जाएगा।

उद्घाटन की संभावित तारीख:

परियोजना का कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया निर्देशों के अनुसार, इसे 2026 के अंत तक पूरी तरह से तैयार कर जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में लॉजिस्टिक और निर्माण कार्य अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहे हैं।

पर्यटकों के लिए खास जानकारी (Table):

विशेषता विवरण
स्थान सीजी सिटी (CG City), एकना स्टेडियम के पास, लखनऊ
प्रमुख प्रदर्शनी INS गोमती, TU-142 एयरक्राफ्ट, SK-42B हेलीकॉप्टर
तकनीकी आकर्षण 7D थिएटर, लैंडिंग सिमुलेटर, डिजिटल वाटर शो
प्रवेश की स्थिति निर्माणाधीन (संभावित उद्घाटन – 2026 अंत)

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।