लखनऊ. बरेली दंगों के मुख्य आरोपी और इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के बेटे फरमान रजा खां की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि फरमान के पास से बरामद संदिग्ध पाउडर ‘स्मैक’ ही था।
क्या है पूरा मामला?
बीती 6 जनवरी की रात को लखनऊ-दिल्ली हाईवे पर कछियानी खेड़ा हनुमान मंदिर के पास फरमान रजा की कार एक रोडवेज बस से पीछे से टकरा गई थी। हादसे के बाद जब पुलिस ने मौके पर पहुँचकर फरमान की कार और बैग की तलाशी ली, तो उनके पास से एक पन्नी में क्रिस्टल स्मैक और एक सिरिंज बरामद हुई थी।
जांच रिपोर्ट में खुलासा
पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ को जांच के लिए बरेली स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने अब पुष्टि कर दी है कि वह पदार्थ स्मैक पाउडर ही था। हालांकि, पुलिस को अभी फरमान के रक्त के नमूनों (Blood Sample) की रिपोर्ट का इंतजार है, जो मुरादाबाद प्रयोगशाला भेजी गई है। इस रिपोर्ट से यह साफ होगा कि क्या फरमान घटना के समय नशे के प्रभाव में थे।
कानूनी कार्रवाई और जमानत
प्रभारी निरीक्षक जुगुज किशोर के अनुसार:
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बरामद स्मैक की मात्रा 5 ग्राम थी।
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कम मात्रा (Personal Consumption श्रेणी) होने के कारण पुलिस ने NDPS एक्ट की धारा 8/22 के तहत FIR दर्ज की थी।
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नियमानुसार कम मात्रा होने की वजह से आरोपी को थाने से ही जमानत दे दी गई थी।
पूछताछ में कबूला: पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि फरमान यह स्मैक दिल्ली से खरीदकर लाया था।
अगले कदम
अब पुलिस की नजर मुरादाबाद लैब से आने वाली ब्लड रिपोर्ट पर टिकी है। यदि रिपोर्ट में नशे के सेवन की पुष्टि होती है, तो केस में चार्जशीट और कानूनी कार्यवाही को और मजबूती मिलेगी।
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