शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:17:46 AM

संभल जा रहे इत्तिहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बरेली से बड़ी खबर सामने आई है, जहां इत्तिहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने सीवी गंज थाने पर हिरासत में ले लिया है. साथ ही संभल जाने वाले रास्तों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. बता दें कि गुरुवार को बरेली स्थित अपने आवास से तौकीर रजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बताया था कि वह कल जुमे की नमाज अदा करने के बाद अपने साथियों के साथ संभल हिंसा में घायल पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे. तौकीर रजा ने हिंसा में मारे गए लोगों को शहीद भी बताया था. उन्होंने कहा कि दिल्ली और लखनऊ की लड़ाई में यूपी के मुसलमानों को पीसा जा रहा है. दिल्ली यहां के सीएम को हटाना चाहती है. इसलिए यहां मुसलमानों को लड़ाया जा रहा है, आज जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश आए है, वह स्वागत योग्य है.

अब तक 28 लोग गिरफ्तार

पुलिस ने संभल हिंसा मामले में 28 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर एक-एक आरोपी की पहचान की जा रही है. पुलिस ने बुधवार को फुटेज के आधार पर 45 उपद्रवियों के पोस्टर जारी किए. जिसमें बहुत से उपद्रवियों का नाम और उनका पता भी सार्वजनिक कर दिया गया है. पुलिस का कहना है कि हिंसा में हुए नुक़सान की भरपाई भी उपद्रवियों से ही की जाएगी. संभल जिले स्थित शाही जामा मस्जिद के रविवार को सर्वे के दौरान भारी बवाल हो गया. इस दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा. जानकारी के अनुसार, जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान स्थिति बिगड़ गई और हिंसा फैल गई. इसके बाद हिंसा को लेकर जमकर सियासी बजानबाजी हुई है.

साभार : एबीपी न्यूज

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

- Advertisement -

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।