मधुबनी. जिले की सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने मंगलवार की अहले सुबह एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जाली नोट तस्करी गिरोह के सक्रिय सदस्य अब्दुल इनाम उर्फ लादेन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शहर के कोतवाली चौक से दबोचा गया। उस पर जाली नोटों की खेप खपाने और एक पाकिस्तानी नागरिक को सुरक्षित नेपाल सीमा पार कराने का गंभीर आरोप है।
कद्दू के जरिए होती थी तस्करी
बता दें कि पिछले वर्ष मार्च में जाली नोट तस्करी का एक अनोखा ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ सामने आया था। तस्करों ने कद्दू को खोखला कर उसमें नकली नोटों की खेप भरकर पाकिस्तान से भारत भेजी थी। इस मामले में पुलिस ने पहले ही जयनगर के मो. ताहिर और पंडौल के हाजी मोहम्मद ओवैस को गिरफ्तार किया था, लेकिन इनका मुख्य साथी, पाकिस्तानी नागरिक अंसारी उर्फ मस्तान, भागने में सफल रहा था।
कैसे गिरफ्त में आया ‘लादेन’?
पुलिस और एसएसबी (SSB) की टीमें लंबे समय से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर को ट्रेस कर रही थीं। जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को निम्नलिखित सुराग मिले:
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भैंस खरीद कांड: हाल ही में लखनौर थाना क्षेत्र में जाली नोट देकर भैंस खरीदने के मामले में दरभंगा से ‘बबलू’ नामक युवक पकड़ा गया था।
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अंसारी का सुराग: बबलू से पूछताछ के दौरान कोतवाली चौक निवासी अब्दुल इनाम उर्फ लादेन का नाम सामने आया।
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भगाने में भूमिका: जांच में पुष्टि हुई कि लादेन ने ही पाकिस्तानी नागरिक अंसारी को कोतवाली चौक के पास पनाह दी थी और पुलिस की घेराबंदी से बचाकर उसे झंझारपुर के रास्ते नेपाल भगाने में मदद की थी।
आतंकी संगठनों से संबंधों की जांच
गिरफ्तार अब्दुल इनाम की संदिग्ध गतिविधियां यहीं खत्म नहीं होतीं। पुलिस के हाथ कुछ ऐसी तस्वीरें लगी हैं जिनमें वह आतंकवादी जमाल के साथ दिखाई दे रहा है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां और एटीएस (ATS) इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि इस गिरोह के तार सीमा पार किन-किन आतंकवादी संगठनों से जुड़े हैं।
पुलिस का बयान: “आरोपी से पूछताछ जारी है। जाली नोटों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने और सीमा पार से आतंकियों की मदद करने वाले इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।”
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