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अदाणी ग्रुप की बड़ी जीत: जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण को NCLT की हरी झंडी, लेकिन शेयरधारकों की जेब खाली

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मुंबई. देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक मोड़ आया है। दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी की अगुवाई वाले अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने कर्ज के बोझ तले दबी जयप्रकाश एसोसिएट्स (Jaiprakash Associates) को खरीदने की कानूनी जंग जीत ली है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने अदाणी एंटरप्राइजेज के रेजोल्यूशन प्लान को अपनी मंजूरी दे दी है।

जहाँ यह खबर अदाणी समूह के लिए रणनीतिक मजबूती लेकर आई है, वहीं जेपी एसोसिएट्स के हजारों छोटे निवेशकों के लिए यह किसी सदमे से कम नहीं है।

NCLT का फैसला: अदाणी बने ‘किंग’

मंगलवार, 17 मार्च 2026 को NCLT ने एक मौखिक आदेश के जरिए अदाणी एंटरप्राइजेज को सफल बोलीदाता घोषित किया। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि:

  • यह अधिग्रहण अदाणी एंटरप्राइजेज, उसकी सहयोगी कंपनियों या एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

  • लिखित आदेश आने के बाद इस डील की बारीकियों और कर्ज चुकाने की समयसीमा का खुलासा होगा।

शेयरहोल्डर्स को बड़ा झटका: निवेश हुआ ‘ZERO’

इस डील की सबसे कड़वी सच्चाई कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों के लिए है। जेपी एसोसिएट्स ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर दिया है कि शेयरहोल्डर्स को इस रेजोल्यूशन प्लान के तहत ‘शून्य’ (NIL) भुगतान मिलेगा।

ऐसा क्यों हुआ?

इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के ‘वॉटरफॉल मैकेनिज्म’ के तहत, कंपनी की संपत्तियों को बेचने से जो पैसा मिलता है, उस पर सबसे पहला हक सुरक्षित कर्जदाताओं (Secured Creditors) का होता है।

“जेपी एसोसिएट्स की लिक्विडेशन वैल्यू इतनी कम है कि उससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों का ₹55,000 करोड़ का कर्ज भी पूरी तरह नहीं चुकाया जा सकता। ऐसे में इक्विटी शेयरधारकों के लिए कुछ भी शेष नहीं बचा है।”

55,000 करोड़ का कर्ज और लंबी कानूनी लड़ाई

जेपी एसोसिएट्स को जून 2024 में दिवालिया प्रक्रिया (IBC) में भेजा गया था। कंपनी पर लगभग ₹55,000 करोड़ का भारी कर्ज था।

  • प्रमुख कर्जदाता: नेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (NARCL) इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी कर्जदाता बनकर उभरी।

  • अदाणी की एंट्री: 19 नवंबर 2025 को कर्जदाताओं की समिति (CoC) ने अदाणी समूह की बोली को मंजूरी दी थी।

महत्वपूर्ण मील के पत्थर तारीख / विवरण
दिवालिया प्रक्रिया शुरू जून 2024
CoC की मंजूरी 19 नवंबर 2025
NCLT का अंतिम फैसला 17 मार्च 2026
कुल कर्ज का बोझ ₹55,000 करोड़
रिटेल निवेशकों का हिस्सा शून्य (NIL)

अदाणी ग्रुप के लिए क्यों खास है यह डील?

जेपी एसोसिएट्स का अधिग्रहण अदाणी समूह के लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

  1. रियल एस्टेट और टाउनशिप: जेपी के पास दिल्ली-NCR और अन्य शहरों में बेशकीमती जमीनें और अधूरे प्रोजेक्ट्स हैं।

  2. इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार: यमुना एक्सप्रेसवे और अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स में जेपी की हिस्सेदारी अब अदाणी के पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकती है।

  3. सीमेंट और पावर: जेपी की बची हुई सीमेंट संपत्तियां अदाणी के सीमेंट साम्राज्य (ACC/Ambuja) को और मजबूती देंगी।

निवेशकों के लिए क्या है सबक?

यह घटनाक्रम उन निवेशकों के लिए एक चेतावनी है जो ‘Penny Stocks’ या दिवालिया होने वाली कंपनियों में इस उम्मीद में पैसा लगाते हैं कि कोई बड़ा ग्रुप उसे बचा लेगा। IBC के तहत, अक्सर कंपनी तो बच जाती है (नए मालिक के साथ), लेकिन पुराने निवेशकों की पूंजी पूरी तरह डूब जाती है।

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