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FPI Inflow August 2026: विदेशी निवेशकों ने फिर दिखाया भारतीय बाजार पर भरोसा, अगस्त की पहली छमाही में ₹16,621 करोड़ का शुद्ध निवेश

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FPI inflows chart showing foreign portfolio investment in Indian equity market August 2026.
मुंबई | सोमवार, 17 अगस्त 2026
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की मजबूत वापसी से बाजार में उत्साह का माहौल है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अगस्त 2026 की पहली छमाही (1 से 15 अगस्त) में भारतीय इक्विटी बाजार में ₹16,621 करोड़ का शुद्ध निवेश किया है। यह लगातार दूसरा महीना है जब FPIs ने घरेलू बाजार में बड़ी मात्रा में पूंजी का प्रवाह किया है।
इससे पहले जुलाई 2026 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में लगभग ₹20,200 करोड़ का निवेश किया था। इस दो महीने की लगातार खरीदारी ने उस समय राहत दी है जब मार्च से जून 2026 के बीच लगातार चार महीनों तक विदेशी निवेशक बाजार से पूंजी बाहर निकाल रहे थे।

विदेशी निवेश में तेजी के 4 प्रमुख कारण

भारतीय इक्विटी में FPIs के इस सकारात्मक रुख के पीछे वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई महत्वपूर्ण आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं:
  1. शेयरों के वैल्यूएशन में सुधार: मार्च से जून के दौरान हुई बिकवाली के कारण कई गुणवत्ता वाले शेयरों के मूल्यांकन (Valuations) में सुधार आया, जिससे वे विदेशी फंडों के लिए आकर्षक बन गए।
  2. कॉरपोरेट कंपनियों के मजबूत नतीजे: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के बेहतर कॉरपोरेट नतीजों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूती दी।
  3. अमेरिका में ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेतों से उभरते बाजारों (Emerging Markets) में वैश्विक पूंजी का प्रवाह बढ़ा है।
  4. आर्थिक और मुद्रा स्थिरता: भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज विकास दर और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (INR) की सापेक्षिक स्थिरता ने विदेशी निवेश धारणा को संभाला।

YTD 2026 स्थिति और बाजार पर प्रभाव

हालांकि अगस्त और जुलाई में FPIs की खरीदारी काफी मजबूत रही है, लेकिन 2026 में अब तक (Year-To-Date) उनका कुल इक्विटी निवेश अभी भी नकारात्मक बना हुआ है। साल की शुरुआत में हुई भारी बिकवाली की भरपाई में थोड़ा समय लगेगा।
शेयर बाजार के लिए संकेत:
  • लिक्विडिटी में बढ़ोतरी: FPI की वापसी से निफ्टी और सेंसक्स में तरलता (Liquidity) मजबूत होगी।
  • लार्ज-कैप शेयरों में तेजी: विदेशी फंड मुख्य रूप से लार्ज-कैप और इंडेक्स शेयरों पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे फ्रंटलाइन शेयरों को सहारा मिलेगा।
  • निवेशक भावना मजबूत: विदेशी निवेशकों का विश्वास लौटने से घरेलू खुदरा (Retail) और संस्थागत निवेशकों (DII) का मनोबल बढ़ेगा।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: अगस्त 2026 की पहली छमाही में FPI ने कितना निवेश किया है?
Ans: अगस्त 2026 की पहली छमाही में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय इक्विटी बाजार में कुल ₹16,621 करोड़ का शुद्ध निवेश किया है।
Q2: क्या 2026 में अब तक FPI का कुल निवेश सकारात्मक हो गया है?
Ans: नहीं, वर्ष 2026 की शुरुआत में हुई भारी बिकवाली के कारण 2026 में अब तक (YTD) उनका कुल इक्विटी निवेश अभी भी नकारात्मक बना हुआ है।
Q3: FPI द्वारा भारतीय शेयरों में खरीदारी के मुख्य कारण क्या हैं?
Ans: बेहतर शेयर वैल्यूएशन, कॉर्पोरेट तिमाही परिणाम, अमेरिकी ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद और भारतीय अर्थव्यवस्था व रुपये की स्थिरता इसके मुख्य कारण हैं।

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या फंड में निवेश करने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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