नई दिल्ली । सोमवार, 17 अगस्त 2026
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री आपूर्ति मार्गों में आए व्यवधानों के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति पर मंडराते खतरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने 21 रिफाइनरियों और अपस्ट्रीम कंपनियों के लिए कुल 63,810 मीट्रिक टन प्रतिदिन (MT/day) का अधिकतम एलपीजी उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश के करोड़ों परिवारों तक रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना और भविष्य में किसी भी प्रकार की किल्लत या राशनिंग की स्थिति को रोकना है।
रिलायंस जामनगर को मिला सबसे बड़ा उत्पादन लक्ष्य
नये उत्पादन ढांचे के तहत निजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी को सबसे बड़ा दायित्व सौंपा गया है। रिलायंस को घरेलू बाजार के लिए प्रतिदिन 18,000 टन एलपीजी उत्पादन का लक्ष्य मिला है।
सार्वजनिक क्षेत्र की 18 रिफाइनरियों को संयुक्त रूप से 31,470 टन प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है। इसके अलावा ओएनजीसी (ONGC) और गेल (GAIL) जैसी अपस्ट्रीम व गैस-प्रोसेसिंग कंपनियों के लिए संयुक्त लक्ष्य लगभग 6,460 टन प्रतिदिन तय किया गया है।
| कंपनी / क्षेत्र | निर्धारित अधिकतम लक्ष्य (MT/day) |
| रिलायंस जामनगर रिफाइनरी | 18,000 |
| सार्वजनिक क्षेत्र की 18 रिफाइनरियां | 31,470 |
| अपस्ट्रीम व गैस प्रोसेसिंग (ONGC, GAIL आदि) | 6,460 |
| कुल योग | 63,810 |
भारत की LPG आयात निर्भरता और चुनौतियां
वित्त वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल एलपीजी खपत लगभग 33.2 मिलियन टन रही। इसमें से घरेलू उत्पादन केवल 13.1 मिलियन टन था, जबकि करीब 21.3 मिलियन टन एलपीजी विदेशों से आयात की गई।
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भारत अपनी रसोई गैस जरूरत का 64% से अधिक हिस्सा आयात से पूरा करता है।
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पश्चिम एशिया संकट के दौरान समुद्री मार्गों में व्यवधान से आयात पर संकट गहरा गया था।
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संकट के दौरान रिफाइनरियों ने तात्कालिक रूप से उत्पादन बढ़ाकर 54,000–55,000 MT/day तक पहुंचाया था।
स्थायी आपातकालीन ढांचा और द्विवार्षिक समीक्षा
सरकार का यह कदम केवल तात्कालिक राहत के लिए नहीं है, बल्कि एक स्थायी सुरक्षा चक्र तैयार करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
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स्टोरेज व लॉजिस्टिक्स: रिफाइनरियों और कंपनियों को उत्पादन क्षमता के अनुरूप पर्याप्त स्टोरेज, रेल टैंकर और रोड नेटवर्क तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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तकनीकी सुधार: रिफाइनिंग प्रक्रियाओं में तकनीकी सुधार और एलपीजी रिकवरी बढ़ाने वाली प्रणालियों को लागू किया जाएगा।
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हर 6 महीने में समीक्षा: यह उत्पादन शेड्यूल स्थायी नहीं है। सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को इसकी समीक्षा कर इसे अपडेट करेगी, ताकि नई रिफाइनरियों की क्षमता को भी इसमें जोड़ा जा सके।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: क्या 63,810 MT/day का लक्ष्य भारत का दैनिक वास्तविक उत्पादन है?
उत्तर: नहीं, 63,810 MT/day सामान्य दिनों का दैनिक उत्पादन नहीं है। यह रिफाइनरियों की अधिकतम क्षमता/लक्ष्य है, जिसका उपयोग आपूर्ति संकट या आपातस्थिति के दौरान उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
प्रश्न 2: भारत अपनी जरूरत की कितनी एलपीजी आयात करता है?
उत्तर: भारत अपनी कुल एलपीजी खपत का 64% से अधिक हिस्सा विदेशों (मुख्य रूप से पश्चिम एशियाई देशों) से आयात करता है।
प्रश्न 3: एलपीजी उत्पादन लक्ष्य की समीक्षा कब-कब होगी?
उत्तर: केंद्र सरकार हर साल 1 जनवरी और 1 जुलाई को उत्पादन लक्ष्यों और रिफाइनरियों की क्षमता की समीक्षा करेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध आंकड़ों और नीतिगत घोषणाओं के आधार पर सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।
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