
ग्वालियर। आईआईटीटीएम में आयोजित कवर्ड कैंपस कार्यकर्ता संवाद कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर जी ने कहा कि देश में केवल संपत्ति बढ़ाने से ही काम नहीं चलेगा, हमें बच्चों को संस्कारित और चरित्रवान भी बनाना पड़ेगा। सभी को पानी और बिजली की बचत कर अपने नागरिक कर्तव्य का पालन करना चाहिए। साथ ही सामाजिक समरसता बढ़ाने के लिए अपने घरों में दैनिक कार्य करने वाले जैसे सफाईकर्मी, कपड़े धाने वाले आदि को भोजन के लिए बुलाना चाहिए।
ग्वालियर महानगर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी जी उपस्थित रहे। सह सरकार्यवाह जी ने कहा कि आत्म बोध, नागरिक कर्तव्य और समाज केंद्रित समाज से ही देश सशक्त होगा। एकजुटता से असंभव लगने वाला कार्य भी सहज हो जाता है। इसके लिए सामाजिक समरसता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रारंभ किया था। उन्होंने लोगों से समाज और राष्ट्र की भलाई के लिए नियत स्थान और नियत समय पर निस्वार्थ भाव से सतत मिलन पर जोर देते हुए स्व बोध, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन अपनाने का आग्रह किया।
इस दौरान उपस्थितजनों ने अपने कवर्ड परिसर में होने वाली गतिविधियों और अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके यहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से वातावरण में सकारात्मक बदलाव आया है। विंडसर हिल्स निवासी ओमप्रकाश बुधौलिया ने बताया कि उनके यहां रामचरित मानस में विज्ञान विषय पर संगोष्ठी के बाद परिसर में अब सत्संग और सुंदरकांड का पाठ शुरू हो गया है। डीबी सिटी शाखा के पालक सुधीर जी ने बताया कि पहले यहां कोई किसी से बात नहीं करता था। जब किसी का निधन हो जाता था तो कोई सहयोग करने वाला नहीं होता था। अंतिम यात्रा के लिए घंटों इंतजार करते थे। स्वयंसेवकों ने पहल कर टोली बनाई और अपने सामाजिक दायित्व का पालन किया। गिरीश अग्रवाल ने बताया कि सनवैली में बने राम मंदिर में नियमित आरती और भजन होते हैं। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं शाखा लगने से सकारात्मक वातावरण निर्मित हुआ है। एमके सिटी की ज्योति जौहरी ने बताया कि एक बार आग लगने पर सभी लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पड़ोसियों को घरों से सुरक्षित निकाला। यही नहीं भोजन की भी व्यवस्था की। इनके सहित अन्य लोगों ने भी अपने कवर्ड परिसर में आयोजित कार्यक्रमों और अनुभवों को साझा किया।
साभार : विश्व संवाद केंद्र
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