मुंबई | मंगलवार, 18 अगस्त 2026
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। Electronics Components Manufacturing Scheme (ECMS) के तहत 31 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
इन नए प्रोजेक्ट्स के आने से देश में न केवल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के आयात (Import) पर निर्भरता कम होगी, बल्कि घरेलू सप्लाई चेन भी मजबूत होगी।
ECMS मंजूरी के मुख्य आंकड़े
| विवरण | 31 नई मंजूरियां | कुल स्वीकृत (106 प्रोजेक्ट्स) |
| अनुमानित / कुल निवेश | ₹7,877 करोड़ | ₹69,548 करोड़ |
| संभावित उत्पादन मूल्य | लगभग ₹82,243 करोड़ | ₹10.34 लाख करोड़ (दीर्घकालिक लक्ष्य) |
| प्रत्यक्ष रोजगार (Direct Jobs) | 9,588 | लगभग 74,628 |
₹7,877 करोड़ के निवेश आंकड़े का सच:31 नए प्रस्तावों के तहत परियोजना-स्तर पर मूल अनुमानित निवेश ₹6,844 करोड़ था। इसमें कुल निवेश का आंकड़ा ₹7,877 करोड़ इसलिए दर्शाया गया है क्योंकि इसमें एक मौजूदा मंजूर आवेदक द्वारा किया गया अतिरिक्त ₹1,033 करोड़ का विस्तार निवेश भी शामिल है।
किन मुख्य कंपोनेंट्स और कच्चे माल का होगा निर्माण?
सरकार का लक्ष्य केवल मोबाइल और गैजेट्स की असेंबली तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि कंपोनेंट्स, कच्चे माल और मशीनरियों तक पूरी वैल्यू चेन को भारत में ही स्थापित करना है।
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सब-असेंबली (Sub-assemblies): कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले मॉड्यूल, और Optical Transceiver-SFP।
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पैसिव व इलेक्ट्रो-मैकेनिकल कंपोनेंट्स: कनेक्टर, ट्रांसड्यूसर, स्पीकर-माइक्रोफोन, रिले, एंटीना, कॉइल, फिल्टर, कैपेसिटर, और मेटल शील्डिंग कवर।
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क्रिटिकल सप्लाई-चेन व कच्चा माल: Li-ion बैटरी एनोड मटेरियल, रेयर-अर्थ परमानेंट मैग्नेट (Rare-earth permanent magnets), एसिटिलीन ब्लैक, इलेक्ट्रोलाइट एडिटिव्स, मेटलाइज्ड फिल्म्स और हर्मेटिक टर्मिनल्स।
इनमें से कई कंपोनेंट्स और कच्चे माल का निर्माण भारत में पहली बार बड़े पैमाने पर शुरू होने जा रहा है।
10 राज्यों में होगा भौगोलिक विस्तार
देश के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का दायरा बढ़ाने के लिए इन 31 परियोजनाओं को 10 अलग-अलग राज्यों में स्थापित किया जाएगा:
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गोवा
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गुजरात
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हरियाणा
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हिमाचल प्रदेश
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कर्नाटक
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महाराष्ट्र
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तमिलनाडु
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तेलंगाना
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उत्तर प्रदेश
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उत्तराखंड
वर्तमान जमीनी स्थिति और प्रगति
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत अब असेंबली से आगे बढ़कर मॉड्यूल, कंपोनेंट, मटेरियल और कैपिटल इक्विपमेंट के विनिर्माण की ओर अग्रसर है।
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38 प्लांट परिचालन में: कुल 106 मंजूर परियोजनाओं में से 38 प्लांट्स ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
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16 प्लांट अंतिम चरण में: 16 अन्य परियोजनाएं निर्माण और मशीनरी इंस्टॉलेशन के उन्नत चरण में हैं।
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लक्ष्य से आगे: ECMS के तहत स्वीकृत निवेश योजना के मूल ₹59,350 करोड़ के लक्ष्य को पार कर चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: ECMS योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: ECMS का उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, सब-असेंबली और कच्चे माल का घरेलू उत्पादन बढ़ाना है, ताकि आयात निर्भरता घटे और भारत वैश्विक सप्लाई चेन का मुख्य केंद्र बन सके।
Q2: ECMS के तहत अब तक कुल कितने प्रोजेक्ट्स मंजूर हो चुके हैं?
उत्तर: अब तक कुल 106 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें ₹69,548 करोड़ का निवेश शामिल है।
Q3: इस योजना से कुल कितने रोजगार पैदा होने का अनुमान है?
उत्तर: ECMS के स्वीकृत 106 प्रोजेक्ट्स से लगभग 74,628 प्रत्यक्ष (Direct) रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए प्रदान किया गया है। इसमें शामिल आंकड़े और तथ्य आधिकारिक सरकारी घोषणाओं पर आधारित हैं। ताजा अपडेट और नीतिगत बदलावों के लिए कृपया आधिकारिक सरकारी पोर्टल (ecms.meity.gov.in) पर जाएं|
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