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उत्तराखंड: रुद्रपुर में ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक, तड़के 4 बजे मस्जिद और दो मजारों पर चला धामी सरकार का बुलडोजर

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देहरादून | रविवार, 19 अप्रैल 2026

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने ‘देवभूमि’ की सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार (18 अप्रैल) तड़के ऊधम सिंह नगर जिले के गूलरभोज (ठंडा नाला) क्षेत्र में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित एक मस्जिद और दो मजारों को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया।

सर्जिकल स्ट्राइक की तरह चला अभियान

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह ऑपरेशन पूरी तरह गोपनीय और नियोजित था। किसी भी संभावित विरोध या सांप्रदायिक तनाव से बचने के लिए शनिवार तड़के करीब 4:00 बजे सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जेसीबी (JCB) मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र के सभी प्रवेश मार्गों को सील कर दिया गया था और भारी संख्या में पीएसी (PAC) के जवान तैनात किए गए थे।

क्यों हुई यह कार्रवाई? (मुख्य बिंदु)

  • सिंचाई विभाग की जमीन: ध्वस्त किए गए धार्मिक ढांचे गूलरभोज के कोपा ठंडा नाला में हरिपुरा जलाशय की सरकारी भूमि पर बिना किसी अनुमति के बनाए गए थे।

  • नोटिस की अनदेखी: प्रशासन ने 16 अप्रैल को अंतिम चेतावनी नोटिस चस्पा किया था, जिसमें 18 अप्रैल तक खुद अतिक्रमण हटाने का समय दिया गया था। इससे पहले भी 60 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके थे।

  • दस्तावेजों का अभाव: संबंधित पक्षकारों ने स्वामित्व को लेकर कोई भी वैध दस्तावेज या प्रशासनिक अनुमति का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।

  • अदालती राहत नहीं: यद्यपि कुछ पक्षों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन सार्वजनिक भूमि पर अवैध धार्मिक संरचनाओं को लेकर कोई स्थगन आदेश (Stay Order) नहीं मिला।


प्रशासनिक प्रतिक्रिया और संदेश

एडीएम पंकज उपाध्याय और एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत की गई है, जो सार्वजनिक स्थानों पर अवैध धार्मिक अतिक्रमण को हटाने का आदेश देते हैं।

“सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। गूलरभोज में करीब 6 घंटे तक चले अभियान के बाद मलबे को भी मौके से हटा दिया गया है। भविष्य में भी ऐसी किसी भी अवैध संरचना को बख्शा नहीं जाएगा।” — प्रशासनिक अधिकारी

उत्तराखंड में अब तक का आंकड़ा

धामी सरकार के निर्देश पर राज्यभर में अवैध मजारों और धार्मिक ढांचों के खिलाफ चल रहा यह अभियान अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है:

  • कुल कार्रवाई: राज्य में अब तक लगभग 580 से अधिक अवैध धार्मिक संरचनाएं हटाई गई हैं।

  • पिछले अभियान: हाल ही में 18-19 अप्रैल के दौरान ही सिडकुल (SIDCUL) और फिशर फॉरेस्ट क्षेत्र में भी अवैध मजारों पर वन विभाग ने बुलडोजर चलाया है।

  • उद्देश्य: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हजारों एकड़ वन और सिंचाई विभाग की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा चुका है।

ताजा स्थिति: वर्तमान में गूलरभोज और आसपास के क्षेत्रों में शांति बनी हुई है। हालांकि, प्रशासन ने एहतियातन खुफिया तंत्र को सक्रिय कर रखा है और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जा रही है।

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