हरिद्वार । रविवार, 07 जून 2026
देवभूमि उत्तराखंड में नियमों को ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ धामी सरकार का कड़ा रुख लगातार जारी है। इसी कड़ी में हरिद्वार जिले की लक्सर तहसील के अंतर्गत सुल्तानपुर नगर पंचायत क्षेत्र से एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक निर्माणाधीन जामा मस्जिद की अवैध और अत्यधिक ऊँची बनाई जा रही मीनारों को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार के बाद आज रविवार को भी मौके पर प्रशासन की निगरानी में अवैध ढांचे को हटाने का काम किया गया।
इस पूरे मामले की सबसे खास बात यह है कि प्रशासन के कड़े तेवर और कानूनी कार्रवाई के डर से मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने खुद ही आगे आकर इन अवैध मीनारों को ध्वस्त करने का काम शुरू कर दिया है।
क्या है पूरा विवाद और क्यों हुई कार्रवाई?
यह विवाद नया नहीं है, बल्कि इसकी शुरुआत पिछले साल जुलाई 2025 में हुई थी। इंटरनेट मीडिया और स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा था कि यहाँ राज्य की सबसे बड़ी जामा मस्जिद का निर्माण कराया जा रहा है। सबसे ज्यादा ध्यान मस्जिद की बेतहाशा ऊँची बनाई जा रही मीनारों ने खींचा, जिनकी ऊंचाई लगभग 136 फीट से लेकर 250 फीट तक (कुतुब मीनार के बराबर) ले जाने की योजना थी।
नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने सुरक्षा चिंताओं और किसी बड़े हादसे की आशंका जताते हुए जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिकायत की थी। जाँच में सामने आया कि इस विशालकाय निर्माण के लिए जिला प्रशासन या स्थानीय विकास प्राधिकरण से कोई वैध अनुमति (परमिशन) नहीं ली गई थी। इसके बाद पिछले साल ही प्रशासन ने इस निर्माण कार्य को रुकवाते हुए इसे सील कर दिया था और दस्तावेज मांगे थे।
प्रशासन की चेतावनी के बाद कमेटी ने खुद उठाया हथौड़ा
हाल ही में जब मस्जिद परिसर में दोबारा गुपचुप तरीके से बल्लियां खड़ी कर काम शुरू करने की कोशिश की गई, तो प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन में आ गया। बुधवार को लक्सर के उपजिलाधिकारी (SDM) अनिल शुक्ला और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) ने भारी पुलिस बल के साथ मौके का मुआयना किया। प्रशासन ने कमेटी को सख्त अल्टीमेटम दिया कि यदि वे स्वयं इस अनधिकृत और अवैध निर्माण को नहीं हटाते हैं, तो प्रशासन पूरे परिसर को सील कर सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।
प्रशासनिक बुलडोजर और कार्रवाई के खर्च की वसूली के डर से मस्जिद कमेटी ने स्वेच्छा से नियमों के दायरे में आने का फैसला किया। शनिवार से ही कमेटी के मजदूर खुद मीनारों की ऊंचाई को घटाने और अवैध निर्माण को ढहाने में जुटे हुए हैं।
एसडीएम अनिल शुक्ला का बड़ा बयान
लक्सर के एसडीएम अनिल शुक्ला ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:
“यह पूरी कार्रवाई मस्जिद कमेटी के साथ शांतिपूर्ण बातचीत और आपसी समन्वय के बाद की जा रही है। कमेटी ने स्वयं ही मानकों के विपरीत बनी मीनारों को हटाने का काम शुरू किया है। जहाँ तक सबसे बड़ी और ऊँची मुख्य मीनार का सवाल है, उसे सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों (Technical Experts) की मदद ली जाएगी।”
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य इस पूरी प्रक्रिया को बिना किसी कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगाड़े, पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। जब तक मानकों के विपरीत बना पूरा अवैध हिस्सा पूरी तरह से नहीं हटा दिया जाता, तब तक प्रशासन की पैनी नजर और कड़ी निगरानी मौके पर बनी रहेगी।
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