लखनऊ | रविवार, 19 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय संदिग्ध नेटवर्क के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। दक्षिण अफ्रीका से लौट रहे मुख्य आरोपी मैजुल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन विभाग और बिजनौर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया है। मैजुल के खिलाफ पहले से ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक इंस्टाग्राम वीडियो कॉल से शुरू हुआ था। इस वीडियो में मेरठ का रहने वाला आकिब (जो वर्तमान में दुबई/सऊदी अरब में बताया जा रहा है) खुलेआम AK-Series राइफल और हैंड ग्रेनेड प्रदर्शित कर रहा था। इस कॉल में बिजनौर का मैजुल भी शामिल था।
शुरुआत में बिजनौर पुलिस ने इस मामले को ‘खिलौना बंदूक’ बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया था, लेकिन यूपी एटीएस (ATS) की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये हथियार असली थे और यह एक बड़े स्लीपर सेल मॉड्यूल का हिस्सा था।
UP ATS की जांच में नए खुलासे
हाल ही में हुई गिरफ्तारियों और मैजुल से शुरुआती पूछताछ में निम्नलिखित अहम जानकारियां सामने आई हैं:
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पाक-कनेक्शन और भर्ती: एजेंसियों को संदेह है कि मैजुल और आकिब विदेश में बैठकर टेलीग्राम के जरिए उत्तर प्रदेश के युवाओं को कट्टरपंथी बना रहे थे। इनका उद्देश्य हिंदू संगठनों के नेताओं की रेकी करना और रेलवे ट्रैक जैसे सार्वजनिक बुनियादी ढांचों को नुकसान पहुंचाना था।
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हथियारों की सप्लाई: पुलिस को मैजुल के सहयोगियों के मोबाइल से भारी हथियारों की तस्वीरें मिली हैं, जिन्हें मैजुल ने ही भेजा था। उसने युवाओं को ‘समुदाय के लिए काम करने’ के बदले पैसों का लालच दिया था।
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लचर पुलिसिंग पर गिरी गाज: इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में नांगल के तत्कालीन थानाध्यक्ष को निलंबित किया जा चुका है और क्षेत्राधिकारी (CO) के खिलाफ भी विभागीय जांच चल रही है।
अब तक की गिरफ्तारियां
इस नेटवर्क में पुलिस अब तक कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है:
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मैजुल: (ताजा गिरफ्तारी – दक्षिण अफ्रीका से वापसी पर)
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समीर उर्फ रोहान: (हाल ही में बिजनौर से गिरफ्तार, टेलीग्राम नेटवर्क का मुख्य सदस्य)
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उवैद मलिक और जलाल हैदर: (बिजनौर से पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं)
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साकिब और अन्य: (मेरठ और लखनऊ से एटीएस द्वारा गिरफ्तार)
जांच एजेंसियों के सामने चुनौतियां
जांच एजेंसियां अब इस बात की तहकीकात कर रही हैं कि मैजुल ने पिछले 5 वर्षों में दक्षिण अफ्रीका में रहकर घर पैसे क्यों नहीं भेजे? शक है कि वह उन पैसों का उपयोग आतंकी नेटवर्क को फंड करने या हथियार खरीदने में कर रहा था। साथ ही, अभी भी आकिब और आजाद फरार हैं, जिनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग मांगा जा रहा है।
Matribhumisamachar


