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सर्दियों में सेहत और सौंदर्य: रूखी त्वचा और रीढ़ की हड्डी के दर्द से बचने के अचूक घरेलू उपाय

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. सर्दियों का मौसम अपने साथ सुहावना अहसास तो लाता है, लेकिन यह हमारी त्वचा और हड्डियों के लिए चुनौतियां भी खड़ी कर देता है। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के दौरान हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा फटने लगती है और शरीर के पुराने दर्द, खासकर जोड़ों और रीढ़ की हड्डी का दर्द (Back Pain) उभर आता है।

सर्दियों के लिए बेस्ट स्किन केयर टिप्स (Skin Care)

ठंडी हवाएं त्वचा का प्राकृतिक तेल छीन लेती हैं। इसे बचाने के लिए अपनाएं ये तरीके:

  1. शहद और मलाई का जादुई पैक: * विधि: एक चम्मच दूध की मलाई में आधा चम्मच शहद मिलाएं। इसे चेहरे पर 15 मिनट लगाकर गुनगुने पानी से धो लें।

    • फायदा: मलाई त्वचा को गहराई से मॉइस्चराइज करती है और शहद चमक लाता है।

  2. नारियल और जैतून का तेल: * विधि: नहाने के तुरंत बाद हल्की गीली त्वचा पर नारियल या जैतून के तेल (Olive Oil) से मालिश करें।

    • फायदा: यह त्वचा पर एक सुरक्षा कवच बना देता है जिससे नमी बाहर नहीं निकल पाती।

  3. गुलाब जल और ग्लिसरीन: * रात को सोने से पहले बराबर मात्रा में गुलाब जल, ग्लिसरीन और नींबू का रस मिलाकर हाथों-पैरों पर लगाएं। यह फटी एड़ियों और रूखेपन के लिए रामबाण है।

  4. अंदरूनी नमी (Hydration): * प्यास न लगने पर भी दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी पिएं। सूप और ग्रीन-टी का सेवन भी त्वचा के लिए अच्छा है।

जोड़ों और रीढ़ की हड्डी के दर्द से राहत (Joint & Back Pain)

सर्दियों में नसें सिकुड़ती हैं और रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे रीढ़ की हड्डी और जोड़ों में जकड़न महसूस होती है।

  1. मेथी दाना और सोंठ का सेवन: * विधि: आधा चम्मच मेथी दाना पाउडर और थोड़ी सी पिसी हुई सोंठ (सूखा अदरक) को गुनगुने पानी के साथ सुबह खाली पेट लें।

    • फायदा: मेथी और सोंठ की तासीर गर्म होती है, जो जोड़ों की सूजन और दर्द कम करती है।

  2. तिल के तेल की मालिश: * विधि: तिल के तेल में 4-5 कली लहसुन और थोड़ा अजवाइन डालकर गर्म करें। इस गुनगुने तेल से रीढ़ की हड्डी और जोड़ों की मालिश करें।

    • फायदा: यह तेल हड्डियों के ऊतकों तक गहराई से जाकर जकड़न दूर करता है।

  3. गर्म सिकाई (Hot Fomentation): * रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में दर्द होने पर नमक की पोटली या हॉट वाटर बैग से 10-15 मिनट सिकाई करें।

  4. विटामिन-D का स्रोत (धूप): * हड्डियों की मजबूती के लिए सुबह 10 से 12 बजे के बीच 20 मिनट की धूप जरूर लें। यह प्राकृतिक कैल्शियम अवशोषण में मदद करता है।

सावधानी:

  • बहुत अधिक गर्म पानी से नहाने से बचें, इससे त्वचा और ज्यादा रूखी हो जाती है।

  • रीढ़ की हड्डी में दर्द होने पर भारी वजन न उठाएं और झुककर बैठने के बजाय सीधे बैठें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।