शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 09:38:55 PM

लखनऊ CBI की बड़ी कार्रवाई: उरई और चित्रकूट में रेलवे के 3 अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के उरई और चित्रकूट में सीबीआई (CBI) की लखनऊ टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के तीन अधिकारियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) और दो डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (DEE) शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई संविदा कर्मियों (Contract Labor) की भर्ती के नाम पर अवैध वसूली की शिकायत के बाद की गई।

रंगे हाथों दबोचे गए सीनियर इंजीनियर

जानकारी के अनुसार, उरई में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) भगवान सिंह पाल को सीबीआई ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ‘भगत इंजीनियरिंग कंपनी’ के मालिक सिद्धार्थ गौतम ने आरोप लगाया था कि रेलवे की ओएचई (OHE) लाइन ठीक करने के लिए लगाए जाने वाले ठेका कर्मियों की नियुक्ति और काम सुचारू रूप से चलाने के बदले में 50 हजार रुपये और मासिक कमीशन की मांग की जा रही थी।

चित्रकूट में भी छापेमारी, दो अधिकारी हिरासत में

सीबीआई ने उरई में भगवान सिंह पाल को पकड़ने के बाद एक जाल बुना। पाल से उनके उच्चाधिकारियों को फोन करवाया गया, जिसमें रिश्वत की रकम मिलने की पुष्टि हुई। जैसे ही चित्रकूट में मौजूद डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर शांतनु यादव और टेक्निकल इंचार्ज प्रकाश कुशवाहा ने इस पर सहमति जताई, सीबीआई की दूसरी टीम ने उन्हें भी दबोच लिया।

भ्रष्टाचार का तरीका: बिना प्रावधान के ‘इंटरव्यू’ का डर

जांच में सामने आया है कि ये अधिकारी निजी मैनपावर कंपनी के कर्मियों का इंटरव्यू लेने का दबाव बना रहे थे, जबकि रेलवे के नियमों के अनुसार इस प्रक्रिया में इंटरव्यू का कोई प्रावधान ही नहीं था। अधिकारियों का उद्देश्य केवल इंटरव्यू के नाम पर कंपनी के मालिक को परेशान करना और पैसे वसूलना था।

मुख्य आरोपी और उनकी स्थिति:

नाम पद तैनाती स्थल
भगवान सिंह पाल सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) उरई (2018 से तैनात)
शांतनु यादव डिवीजनल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (DEE) चित्रकूट (दिसंबर 2025 से तैनात)
प्रकाश कुशवाहा टेक्निकल इंचार्ज चित्रकूट (2013 से तैनात)

सीबीआई टीम देर रात तीनों आरोपियों को लेकर लखनऊ रवाना हो गई है, जहाँ उनसे भ्रष्टाचार के इस नेटवर्क के बारे में और पूछताछ की जाएगी। इस कार्रवाई से रेलवे विभाग के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

 उत्तर प्रदेश समाचार (Uttar Pradesh News)

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।