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चैत्र नवरात्रि दूसरा दिन 2026: माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा से बढ़ेगा आत्मबल, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और आज का लकी कलर

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नई दिल्ली. चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व का आज दूसरा दिन है। देशभर के शक्तिपीठों और मंदिरों में तड़के सुबह से ही “जय माता दी” के जयघोष गूँज रहे हैं। आज का दिन आदि-शक्ति के माँ ब्रह्मचारिणी स्वरूप को समर्पित है, जो तप, संयम और अटूट संकल्प की प्रतिमूर्ति मानी जाती हैं। कानपुर के तपेश्वरी देवी मंदिर से लेकर वाराणसी के विशालाक्षी मंदिर तक, श्रद्धालुओं का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

आज का विशेष शुभ मुहूर्त और पंचांग

धार्मिक गणनाओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि की द्वितीया तिथि आज यानी 20 मार्च 2026 को मनाई जा रही है।

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:18 बजे तक।

  • अमृत काल: साधना और मंत्र जाप के लिए शाम का समय अत्यंत शुभ बताया गया है।

माँ ब्रह्मचारिणी: तपस्या और शांति की देवी

माँ ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए माता ने हजारों वर्षों तक कठिन तपस्या की थी, जिसके कारण उन्हें ‘ब्रह्मचारिणी’ कहा गया।

  • आज का लकी कलर (हरा): नवरात्रि के दूसरे दिन हरे रंग (Green) के वस्त्र पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह रंग प्रकृति, वृद्धि और शांति का प्रतीक है।

  • विशेष भोग: माँ को चीनी (शक्कर), मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे लंबी आयु और सौभाग्य का वरदान मिलता है।

पूजा विधि और शक्तिशाली मंत्र

आज के दिन भक्त सुबह स्नान कर हरे या सफेद वस्त्र धारण करते हैं। कलश पूजन के बाद माँ ब्रह्मचारिणी का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करना फलदायी होता है:

ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥ > या देवी सर्वभूतेषु माँ ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

देशभर में सुरक्षा और प्रबंधन

उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिरों के बाहर लंबी कतारों को देखते हुए महिला पुलिस बल और CCTV कैमरों के जरिए निगरानी रखी जा रही है। कानपुर के मंदिरों में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष बैरिकेडिंग और ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है।

ज्योतिषीय महत्व

ज्योतिषियों के अनुसार, माँ ब्रह्मचारिणी मंगल (Mars) ग्रह को नियंत्रित करती हैं। जिनकी कुंडली में मंगल दोष है या जो मानसिक अशांति से जूझ रहे हैं, उनके लिए आज की पूजा विशेष लाभकारी है। इससे धैर्य और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है।

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