शनिवार, जुलाई 11 2026 | 11:03:31 PM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / केंद्र सरकार ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर लगाया तत्काल प्रतिबंध, यहां देखें पूरी लिस्ट

केंद्र सरकार ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं पर लगाया तत्काल प्रतिबंध, यहां देखें पूरी लिस्ट

Follow us on:

भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा प्रतिबंधित की गईं 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाएं और कैप्सूल।

नई दिल्ली । शनिवार, 20 जून 2026

देश में मरीजों की सुरक्षा और दवाओं के तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री, वितरण और आपूर्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने यह सख्त कार्रवाई ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A (Section 26A of Drugs and Cosmetics Act 1940) के तहत जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से की है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद गठित विशेषज्ञ समिति और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की गहन समीक्षा में पाया गया कि इन 16 दवा संयोजनों का कोई ठोस चिकित्सीय आधार (Therapeutic Justification) नहीं है, और इनके फायदे से ज्यादा मरीजों के स्वास्थ्य पर इसके संभावित जोखिम (Potential Risks) कहीं अधिक हैं।

क्या होती हैं FDC दवाएं और क्यों लगा प्रतिबंध?

FDC यानी ‘फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन’ उन दवाओं को कहा जाता है जिनमें दो या दो से अधिक सक्रिय औषधीय तत्व (Active Pharmaceutical Ingredients – APIs) एक निश्चित अनुपात में मिलाकर एक ही टैबलेट, कैप्सूल या सिरप के रूप में तैयार किए जाते हैं।

Why government banned 16 fixed dose combination drugs: सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ उप-समिति ने साल 2021 से इन दवाओं पर वैज्ञानिक अध्ययनों, क्लिनिकल डेटा और मेडिकल रिपोर्टों की गहन समीक्षा प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान दवा निर्माताओं और विभिन्न संबंधित पक्षों को भी अपने पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर दिए गए। हालांकि, विशेषज्ञ समिति उनके तर्कों से संतुष्ट नहीं हुई। उप-समिति ने 28 दिसंबर 2024 को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपते हुए इन दवाओं को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी, जिसे अब जून 2026 में पूरी तरह लागू कर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन कॉम्बिनेशनों के पक्ष में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले और ये शरीर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस (दवाओं का बेअसर होना) और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचाने का जोखिम बढ़ा रहे थे।

प्रतिबंधित दवाओं की पूरी सूची (FDC Medicines Banned List in India 2026)

इस प्रतिबंध के दायरे में एंटीबायोटिक्स, पेट दर्द की दवाएं, डायबिटीज निवारक और कई प्रसिद्ध कॉस्मेटिक व स्किनकेयर प्रोडक्ट्स शामिल हैं। प्रतिबंधित किए गए सभी 16 संयोजनों की सूची नीचे दी गई है:

क्र.सं. प्रतिबंधित फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के नाम
1 Acetyl Salicylic Acid + Ethoheptazine (एस्पिरिन आधारित पेनकिलर)
2 Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide (पेट दर्द और ऐंठन)
3 Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide + Chlordiazepoxide
4 Gliclazide + Chromium Picolinate (एंटी-डायबिटीज दवा)
5 Paracetamol + Lignocaine (दर्द निवारक)
6 Amoxicillin + Serratiopeptidase (एंटीबायोटिक)
7 Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes
8 Amoxicillin + Cloxacillin + Lactic Acid Bacillus + Serratiopeptidase
9 Cefadroxyl + Probenecid (एंटीबायोटिक)
10 Cefuroxime + Serratiopeptidase (एंटीबायोटिक)
11 Aloe Extract + Allantoin + Alpha Tocopherol Acetate + D-Panthenol + Vitamin A
12 Aloe Extract + Vitamin E + Dimethicone + Glycerine (स्किन लोशन/क्रीम)
13 Aloe Vera + Jojoba Oil + Vitamin E
14 Aloe Vera + Orange Oil
15 Aloe Vera + Jojoba Oil + Wheat Germ Oil + Tea Tree Oil
16 Aloe Vera + Vitamin E + Herbal Preparation

एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक कॉम्बिनेशन पर सबसे गंभीर सवाल

इस प्रतिबंध में सबसे प्रमुख हिस्सा Banned antibiotics and painkiller combinations India का है। विशेषज्ञों ने पाया कि एंटीबायोटिक दवाओं (जैसे Amoxicillin या Cefuroxime) के साथ Serratiopeptidase को मिलाने का कोई स्पष्ट क्लिनिकल लाभ साबित नहीं हुआ है। इसके अलावा, Cefadroxyl + Probenecid के मामले में फार्माकोकाइनेटिक डेटा (शरीर में दवा के अवशोषण की प्रक्रिया) की भारी कमी पाई गई।

पेट दर्द के लिए इस्तेमाल होने वाले संयोजन Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide को इसलिए खारिज किया गया क्योंकि डाइसाइक्लोमाइन (Dicyclomine) पहले से ही मांसपेशियों को आराम देने का काम प्रभावी ढंग से करता है, ऐसे में क्लिडिनियम ब्रोमाइड (Clidinium Bromide) को अतिरिक्त रूप से जोड़ना पूरी तरह से अनावश्यक और अतार्किक था। वहीं, डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होने वाले Gliclazide + Chromium Picolinate को लेकर विशेषज्ञों ने साफ किया कि किसी भी मानक वैश्विक या राष्ट्रीय चिकित्सा गाइडलाइन में मधुमेह के इलाज के लिए क्रोमियम पिकोलिनेट की सिफारिश नहीं की जाती है।

त्वचा (स्किनकेयर) उत्पादों में शामिल एलोवेरा, विटामिन ई, जोजोबा ऑयल और टी ट्री ऑयल के कई फॉर्मूलेशन को नियामक दृष्टिकोण से अपरिभाषित और घटिया पाया गया, जो इंसानी त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं माने गए।

सरकार और रेगुलेटरी अथॉरिटीज का सख्त निर्देश

दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग (Rational Use of Medicines) की दिशा में उठाए गए इस कदम के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों के ड्रग कंट्रोलर्स, क्षेत्रीय विनियामक प्राधिकरणों और प्रवर्तन एजेंसियों को आदेश जारी किया है कि वे बाजार से इन दवाओं को हटाने और प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करना सुनिश्चित करें। सभी दवा निर्माताओं, आयातकों और वितरकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे इन प्रभावित उत्पादों का उत्पादन और आपूर्ति तुरंत बंद कर सुधारात्मक कदम उठाएं।

मरीजों को सलाह दी जाती है कि वे अपने डॉक्टर से परामर्श किए बिना कोई भी दवा न लें और यदि वे वर्तमान में ऊपर दी गई सूची में से किसी कॉम्बिनेशन का उपयोग कर रहे हैं, तो तुरंत अपने चिकित्सक से मिलकर सुरक्षित वैकल्पिक दवा लिखवाएं।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

भारत-न्यूजीलैंड विजन 2030: 40 साल बाद रिश्तों में ऐतिहासिक मोड़, ₹35,000 करोड़ के व्यापार का खुला रास्ता

नई दिल्ली । शनिवार, 11 जुलाई 2026 भारत और न्यूजीलैंड के कूटनीतिक इतिहास में 2026 …