
कानपुर । गुरुवार, 20 अगस्त 2026
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM), कानपुर के वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई सभागार में बुधवार को 14वां गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर ‘राष्ट्र उत्थान में श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्रीरामचरितमानस की भूमिका’ विषय पर एक गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
समारोह का आयोजन श्रीमद्भगवद्गीता एवं वैदिक वाङ्गमय शोधपीठ, श्रीमद्भगवद्गीता वैदिक न्यास तथा सनातन सेवा सत्संग समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
पूजन-अभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रतिमा के पंचोपचार पूजन एवं अभिषेक से हुआ। इसके उपरांत सभागार में मुख्य समारोह का आगाज दीप प्रज्ज्वलन, गणेश वंदना, श्रीमद्भगवद्गीता के 12वें अध्याय का पाठ और विनय पत्रिका के भावपूर्ण गायन के साथ किया गया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने गोस्वामी तुलसीदास जी के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित एक प्रेरक और सुंदर लघु नाटिका का मंचन किया, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने खूब सराहा।
निष्काम कर्मयोग और सामाजिक समन्वय पर विद्वानों के विचार
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में पधारे स्वामी चिदम्बरानन्द जी सरस्वती ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनका समूल नाश करना और एक सभ्य समाज की स्थापना करना ही वास्तविक समन्वय है।
रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी नरेश्वरानंद जी ने निष्काम कर्मयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गीता के संदेशों को जीवन में चरितार्थ करने के लिए व्यक्ति का निरहंकारी होना अत्यंत आवश्यक है।
शोधपीठ और युवाओं के लिए प्रेरणा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक ने बताया कि विश्वविद्यालय में स्थापित शोधपीठ के माध्यम से श्रीमद्भगवद्गीता पर शोध कार्य एवं विशेष कक्षाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं, ताकि युवा पीढ़ी इन पवित्र ग्रंथों के ज्ञान से जुड़ सके।
न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल ने युवाओं का आह्वान करते हुए उन्हें भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों और आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
विभूतियों का सम्मान और महाआरती के साथ समापन
समारोह में संगठन को विशेष योगदान देने के लिए डॉ. अरुण दीक्षित एवं प्रसिद्ध हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी को सम्मानित किया गया।
गोष्ठी का सफल संचालन डॉ. बीना उदय सिंह एवं अनिल गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उत्तरार्ध में श्री योगेश तिवारी की टीम द्वारा संगीतमय हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ प्रस्तुत किया गया, जिससे संपूर्ण सभागार भक्तिमय हो उठा। अंत में कार्यक्रम संयोजक अजय मिश्रा के धन्यवाद ज्ञापन, महाआरती और विशाल भंडारे के साथ इस 14वें जयंती समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: सीएसजेएमयू कानपुर में कौन सा तुलसीदास जयंती समारोह आयोजित किया गया था?
Ans: सीएसजेएमयू (CSJMU) कानपुर में 14वां गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह आयोजित किया गया था।
Q2: इस समारोह में आयोजित संगोष्ठी का मुख्य विषय क्या था?
Ans: संगोष्ठी का मुख्य विषय ‘राष्ट्र उत्थान में श्रीमद्भगवद्गीता एवं श्रीरामचरितमानस की भूमिका’ था।
Q3: समारोह के दौरान किन प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया?
Ans: विशेष सहयोग के लिए डॉ. अरुण दीक्षित और प्रसिद्ध हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी को सम्मानित किया गया।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह समाचार रिपोर्ट छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर में आयोजित गोस्वामी तुलसीदास जयंती समारोह की आधिकारिक गतिविधियों और वक्ताओं द्वारा व्यक्त किए गए विचारों पर आधारित है।
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