मुंबई. विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक में अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए एक ऐतिहासिक निवेश योजना का खुलासा किया है। समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने घोषणा की है कि अदाणी ग्रुप अगले एक दशक में भारत के विभिन्न क्षेत्रों में 6 लाख करोड़ रुपये ($66 बिलियन) का भारी-भरकम निवेश करेगा।
यह निवेश केवल संपत्तियों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत को डिजिटल और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा रणनीतिक कदम है।
निवेश का गणित: किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
दावोस सम्मेलन में पेश किए गए फ्रेमवर्क के अनुसार, यह निवेश मुख्य रूप से 5 बड़े क्षेत्रों (Sectors) में किया जाएगा:
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क्लीन एनर्जी (Clean Energy): सोलर पावर और पंप स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाओं पर बड़ा दांव।
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एविएशन (Aviation): एयरपोर्ट्स का आधुनिकीकरण और गुवाहाटी जैसे शहरों को क्षेत्रीय हब बनाना।
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डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा सेंटर: 3,000 मेगावाट क्षमता वाले ग्रीन डेटा सेंटर पार्क्स की स्थापना।
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शहरी अवसंरचना (Urban Infra): मुंबई में धारावी पुनर्विकास जैसी विशाल परियोजनाएं।
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एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग: सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले फैब्रिकेशन और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता।
राज्यवार प्रभाव: किन राज्यों को होगा सबसे ज्यादा लाभ?
अदाणी ग्रुप ने अपने इस ब्लूप्रिंट में मुख्य रूप से तीन राज्यों को केंद्र में रखा है:
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महाराष्ट्र: यहाँ धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और डेटा सेंटर्स के लिए सबसे बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है। साथ ही सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों पर भी जोर है।
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असम (पूर्वोत्तर): गुवाहाटी एयरपोर्ट को पूर्वोत्तर का एविएशन हब बनाया जाएगा। साथ ही कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में 2,700 मेगावाट की सौर परियोजनाएं लगेंगी।
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झारखंड: राज्य में सीमेंट विनिर्माण इकाइयां (Grinding Units) और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए निवेश किया जाएगा।
सेमीकंडक्टर और न्यूक्लियर पावर: नए मोर्चे
इस निवेश योजना की सबसे खास बात यह है कि अदाणी ग्रुप अब सेमीकंडक्टर निर्माण और परमाणु ऊर्जा (Nuclear Power) के क्षेत्र में भी कदम रख रहा है। सरकार के बदलते नियमों के तहत निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अदाणी ग्रुप ने न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स में रुचि दिखाई है, जो भारत की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
रोजगार के अवसर
बिजनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि 6 लाख करोड़ रुपये के इस निवेश से देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। विशेष रूप से विनिर्माण और तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर खुलेंगे।
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