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महंत नृत्य गोपाल दास की हालत नाजुक: मेदांता लखनऊ के ICU में भर्ती, स्वास्थ्य पर ताजा अपडेट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रमुख संत महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की स्वास्थ्य स्थिति वर्तमान में चिंताजनक बनी हुई है। कल (21 जनवरी) शाम को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अयोध्या से लखनऊ के मेदांता अस्पताल ले जाया गया था।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास (87 वर्ष) को गंभीर हालत में लखनऊ के मेदांता अस्पताल के ICU (गहन चिकित्सा इकाई) में भर्ती कराया गया है। बुधवार दोपहर को अयोध्या में उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें तत्काल लखनऊ रेफर करने का निर्णय लिया।

1. तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण

  • संक्रमण और कमजोरी: महंत जी के निजी चिकित्सक डॉ. एस.के. पाठक के अनुसार, महाराज जी पिछले 36 से 48 घंटों से कुछ भी खा-पी नहीं पा रहे थे। उन्हें लगातार उल्टी और दस्त (Diarrhoea) की शिकायत थी।

  • इन्फेक्शन: प्रारंभिक जांच में उन्हें यूरिन इन्फेक्शन और पेट में संक्रमण की बात सामने आई है। लंबे समय तक भोजन न करने के कारण उन्हें गंभीर डिहाइड्रेशन और कमजोरी हो गई है।

2. मेदांता में डॉक्टरों की विशेष टीम

लखनऊ के मेदांता अस्पताल में महंत जी का इलाज डॉ. दिलीप दुबे, डॉ. अभय वर्मा (आंत रोग विशेषज्ञ) और डॉ. राकेश कपूर (मूत्र रोग विशेषज्ञ) की देखरेख में चल रहा है।

  • अस्पताल सूत्रों के अनुसार, फिलहाल उनकी हालत स्थिर है लेकिन बढ़ती उम्र और पुरानी बीमारियों के कारण उन्हें निरंतर निगरानी (Observation) में रखा गया है।

  • उनके साथ उनके उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास और अन्य शिष्य अस्पताल में मौजूद हैं।

3. संत समाज में चिंता की लहर

महंत जी की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही अयोध्या के संतों और करोड़ों भक्तों में चिंता का माहौल है। आज सुबह से ही मणिराम दास छावनी और हनुमानगढ़ी में उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए विशेष प्रार्थनाएं की जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य का अपडेट लिया है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।