सोमवार, फ़रवरी 09 2026 | 01:20:40 PM
Breaking News
Home / व्यापार / शेयर बाजार समाचार: वैश्विक तनाव और रुपये की गिरावट से सेंसेक्स-निफ्टी में हाहाकार, निवेशकों के डूबे करोड़ों

शेयर बाजार समाचार: वैश्विक तनाव और रुपये की गिरावट से सेंसेक्स-निफ्टी में हाहाकार, निवेशकों के डूबे करोड़ों

Follow us on:

स्टॉक मार्केट क्लोजिंग अपडेट

मुंबई. भारतीय शेयर बाजार के लिए बुधवार, 21 जनवरी 2026 का दिन काफी तनावपूर्ण रहा। भू-राजनीतिक अस्थिरता और घरेलू आर्थिक चिंताओं के दोहरे प्रहार ने निवेशकों के ₹2 लाख करोड़ स्वाहा कर दिए। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया है।

1. वैश्विक तूफान: ट्रम्प, टैरिफ और ग्रीनलैंड

आज की गिरावट का सबसे बड़ा ट्रिगर सात समंदर पार से आया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की चेतावनी ने वैश्विक व्यापार युद्ध की आशंका को फिर से जीवित कर दिया है।

  • प्रभाव: इस खबर से अमेरिकी बाजारों (Dow Jones में 870 अंकों की गिरावट) में मंदी रही, जिसका असर भारतीय निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा। निवेशकों को डर है कि वैश्विक सप्लाई चेन फिर से बाधित हो सकती है।

2. रुपये का ऐतिहासिक पतन

मुद्रा बाजार में आज कोहराम मच गया। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.69 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर (All-time Low) पर बंद हुआ।

  • कारण: विदेशी पूंजी का बाहर निकलना और डॉलर की बढ़ती मांग ने रुपये को कमजोर किया।

  • बाजार पर असर: रुपये के कमजोर होने से आयात महंगा हो जाता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा होता है। यही कारण था कि आज IT और ऑटो जैसे आयात-संवेदनशील सेक्टर दबाव में रहे।

3. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बेरुखी

विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा लगातार निकाल रहे हैं। जनवरी 2026 में अब तक FIIs ने लगभग ₹29,000 करोड़ की बिकवाली की है।

  • हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन वैश्विक नकारात्मक संकेतों के आगे यह सहारा अपर्याप्त साबित हुआ।

4. सेक्टोरल विश्लेषण: बैंकिंग और कंज्यूमर गुड्स में सबसे ज्यादा मार

आज की बिकवाली ‘ब्रॉड-बेस्ड’ थी, यानी लगभग हर सेक्टर में बिकवाली देखी गई।

  • बैंकिंग: निफ्टी बैंक 1% से ज्यादा टूट गया। ICICI Bank और HDFC Bank जैसे दिग्गजों में गिरावट ने इंडेक्स को नीचे खींचा।

  • मिडकैप और स्मॉलकैप: व्यापक बाजार में ज्यादा दर्द दिखा। मिडकैप इंडेक्स 1% से अधिक गिरकर बंद हुआ, जो बताता है कि छोटे निवेशकों में डर बढ़ रहा है।

  • अपवाद: केवल मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में मामूली बढ़त देखी गई, जिसका श्रेय रिलायंस इंडस्ट्रीज और JSW स्टील जैसे शेयरों में आई रिकवरी को जाता है।

5. इंडिया VIX: घबराहट का सूचकांक

बाजार में डर को मापने वाला इंडेक्स India VIX आज 8.24% उछलकर 13.78 पर पहुंच गया। VIX का बढ़ना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में बाजार में और भी बड़े उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिल सकते हैं।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

बाजार फिलहाल ‘Budget 2026’ की प्रतीक्षा कर रहा है। तकनीकी चार्ट पर निफ्टी के लिए 25,000 का स्तर एक लक्ष्मण रेखा की तरह है। जब तक बाजार इस स्तर के ऊपर टिका है, रिकवरी की उम्मीद बनी रहेगी।

विशेषज्ञों की सलाह:

  1. जल्दबाजी से बचें: बाजार में फिलहाल अस्थिरता अधिक है, इसलिए एकमुश्त (Lumpsum) निवेश के बजाय SIP मोड अपनाएं।

  2. क्वालिटी पर ध्यान दें: मजबूत बैलेंस शीट वाली लार्ज-कैप कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करें।

  3. वैश्विक खबरों पर नजर: अमेरिका-यूरोप व्यापार संबंधों और बजट से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखें।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

India AI Impact Summit 2026 Bharat Mandapam New Delhi

India AI Impact Summit 2026: भारत से निकलेगा वैश्विक एआई का नया रोडमैप

India AI Impact Summit 2026 भारत के तकनीकी और कूटनीतिक इतिहास में एक ऐतिहासिक मील …