कानपुर. उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में जिला प्रशासन और तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने संयुक्त रूप से एक बड़ा अभियान चलाते हुए करीब 1.5 लाख एलपीजी (LPG) गैस कनेक्शनों को ब्लॉक कर दिया है। यह कार्रवाई उन लोगों पर की गई है जो घर में पाइप वाली गैस (PNG) होने के बावजूद अवैध रूप से रसोई गैस सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे थे।
इस कदम से शहर के उन लाखों परिवारों में हड़कंप मच गया है, जिन्होंने अब तक अपना पुराना गैस कनेक्शन सरेंडर नहीं किया था।
🚨 कार्रवाई की बड़ी वजह: नियम क्या कहता है?
भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, एक ही पते पर दो अलग-अलग प्रकार के ईंधन कनेक्शन (LPG और PNG) रखना गैर-कानूनी है।
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सुरक्षा का खतरा: विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही रसोई में हाई-प्रेशर PNG और LPG सिलेंडर का साथ होना आग लगने की स्थिति में बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
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सब्सिडी की बचत: सरकार का लक्ष्य है कि एलपीजी का लाभ केवल उन क्षेत्रों को मिले जहाँ पाइपलाइन नहीं पहुँच सकती।
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सप्लाई चेन: डुप्लीकेट कनेक्शन हटने से जरूरतमंदों को समय पर गैस मिल सकेगी।
कानपुर की ताजा खबरें – Matribhumi Samachar
📑 प्रशासन की नई गाइडलाइंस: अब क्या होगा?
कानपुर प्रशासन और गैस एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि यह ब्लॉकेज फिलहाल अस्थायी (Temporary) है। लेकिन इसे बहाल कराने के लिए उपभोक्ताओं को कड़ी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
1. तुरंत सरेंडर करें सिलेंडर
यदि आपके पास Central UP Gas Limited (CUGL) की PNG लाइन है, तो आपको अपना एलपीजी सिलेंडर और रेगुलेटर संबंधित गैस एजेंसी पर जमा करना होगा।
2. ‘सेफ कस्टडी’ का विकल्प
यदि आप भविष्य में किसी अन्य शहर जाने की योजना बना रहे हैं, तो आप कनेक्शन को पूरी तरह खत्म करने के बजाय ‘Safe Custody’ में डाल सकते हैं। इसके बदले में एजेंसी आपको एक Termination Voucher (TV) देगी, जिससे आप भारत में कहीं भी दोबारा कनेक्शन ले सकेंगे।
3. पोर्टल पर अपडेट होगी जानकारी
प्रशासन अब आधार कार्ड और पते के जरिए PNG और LPG डेटा का मिलान (Data Scrubbing) कर रहा है। यदि किसी ने गलत जानकारी देकर कनेक्शन छिपाया, तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश प्रशासनिक कार्रवाई और अपडेट्स
⚠️ क्या आपका भी कनेक्शन ब्लॉक है? ऐसे चेक करें
अगर आपके घर में अचानक सिलेंडर की बुकिंग बंद हो गई है या सब्सिडी आना बंद हो गई है, तो:
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अपनी गैस एजेंसी के KYC स्टेटस की जांच करें।
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देखें कि क्या आपका मोबाइल नंबर PNG और LPG दोनों जगह एक ही है (सॉफ्टवेयर इसी से पकड़ता है)।
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एजेंसी जाकर चेक करें कि आपका आधार De-duplicated list में तो नहीं डाल दिया गया है।
💡 विशेषज्ञों की राय
गैस वितरण अधिकारियों का कहना है कि कानपुर को ‘स्मोक-फ्री’ सिटी बनाने की दिशा में यह एक अनिवार्य कदम है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए स्वयं ही अपने रिकॉर्ड्स को अपडेट करवा लें।
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