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बिधाननगर में जबरन वसूली पर बड़ा प्रहार: टीएमसी बोरो चेयरमैन रंजन पोद्दार गिरफ्तार

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कोलकाता । गुरुवार, 21 मई 2026

पश्चिम बंगाल की राजनीति और स्थानीय प्रशासन से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बिधाननगर नगर निगम (BMC) के वार्ड नंबर 34 से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पार्षद और बोरो चेयरमैन रंजन पोद्दार को बिधाननगर उत्तर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रंजन पोद्दार पर सॉल्ट लेक के करुणामयी बस स्टैंड इलाके में बड़े पैमाने पर जबरन वसूली (तोलाबाजी) का रैकेट चलाने और स्थानीय व्यापारियों व वाहन चालकों को डराने-धमकाने का गंभीर आरोप है।

करुणामयी बस स्टैंड बना था जबरन वसूली का केंद्र

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सॉल्ट लेक के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक करुणामयी बस स्टैंड और उसके आसपास के दुकानदारों, हॉकरों और ऑटो-बस ऑपरेटरों से लंबे समय से अवैध वसूली की जा रही थी। पीड़ितों की लगातार मिल रही शिकायतों और गुप्त इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पहले रंजन पोद्दार के करीबी सहयोगी राणा हलदार को दबोचा। राणा से पूछताछ और पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आखिरकार टीएमसी पार्षद रंजन पोद्दार को भी गिरफ्तार कर लिया।

सुजीत बोस के करीबी हैं रंजन पोद्दार

राजनीतिक गलियारों में रंजन पोद्दार को राज्य के पूर्व अग्निशमन और आपातकालीन सेवा मंत्री और टीएमसी के कद्दावर नेता सुजीत बोस का बेहद करीबी माना जाता है। गौरतलब है कि सुजीत बोस खुद भी इससे पहले नगर निगम भर्ती घोटाले (Municipal Recruitment Scam) के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। ऐसे में उनके करीबी पार्षद की गिरफ्तारी से बिधाननगर इलाके में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।

इलाके में व्यापक धरपकड़ जारी

बिधाननगर पुलिस प्रशासन पिछले कुछ दिनों से अवैध वसूली और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। रंजन पोद्दार अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन पर यह गाज गिरी है। इससे पहले:

  • वार्ड नंबर 26 के टीएमसी पार्षद सुशोषन मंडल उर्फ माइकल को दुकानदारों से ₹3 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

  • एक अन्य घटनाक्रम में टीएमसी नेता देवराज चक्रवर्ती के करीबी माने जाने वाले अमित चक्रवर्ती उर्फ नोनी को भी पुलिस ने दबोचा है।

  • इनके अलावा स्थानीय स्तर पर सक्रिय सौमिक दास उर्फ राजा और विजय राजबंशी नाम के दो अन्य ऑपरेटरों को भी अलग-अलग रंगदारी की शिकायतों पर जेल भेजा गया है।

राजनीतिक मायने

राज्य में बदली कानून-व्यवस्था और प्रशासन की मुस्तैदी के बीच इस तरह की कार्रवाई को स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने राहत की खबर बताया है। हॉकर यूनियनों और स्थानीय बस यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे इस ‘सिंडिकेट राज’ और ‘तोलाबाजी’ पर लगाम लगाना बेहद जरूरी था।

विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सत्ताधारी दल टीएमसी और नगर निगम प्रशासन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि बिना शीर्ष नेताओं के संरक्षण के इतना बड़ा जबरन वसूली का रैकेट चलना मुमकिन नहीं था। बहरहाल, रंजन पोद्दार को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जहां पुलिस मामले की गहराई से जांच के लिए उनकी हिरासत की मांग करेगी।

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