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डिजिटल अरेस्ट से बचाने आएगा ‘इमरजेंसी बटन’, बैंक और UPI ऐप्स में बड़ा बदलाव

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स्मार्टफोन स्क्रीन पर लाल रंग का डिजिटल लॉक और सुरक्षा बटन दबाता हुआ व्यक्ति - साइबर सुरक्षा।

मुंबई. भारत में पिछले कुछ महीनों में ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) के मामलों ने कोहराम मचा रखा है। ठग खुद को सीबीआई (CBI), ईडी (ED) या पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को घंटों वीडियो कॉल पर बंधक बना लेते हैं और फिर जेल जाने का डर दिखाकर उनसे लाखों रुपये लूट लेते हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अब आपके बैंकिंग और UPI ऐप्स में एक ‘इमरजेंसी बटन’ यानी ‘किल स्विच’ (Kill Switch) जोड़ा जा रहा है।

क्या है यह ‘इमरजेंसी बटन’ (Kill Switch)?

गृह मंत्रालय द्वारा गठित एक हाई-लेवल कमेटी इस नए फीचर पर काम कर रही है। यह बटन आपके बैंकिंग ऐप के होम स्क्रीन पर उपलब्ध होगा।

  • रियल-टाइम ब्लॉक: जैसे ही आपको लगे कि आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो रही है या कोई आपको डरा-धमकाकर पैसे ट्रांसफर करवा रहा है, आप इस बटन को दबा सकते हैं।

  • तुरंत फ्रीज: बटन दबाते ही आपके खाते से जुड़े सभी डिजिटल ट्रांजेक्शन (UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड पेमेंट) तुरंत रुक जाएंगे।

  • म्यूल अकाउंट्स पर लगाम: अक्सर ठग पैसे मिलते ही उसे तुरंत कई अलग-अलग खातों (Mule Accounts) में बांट देते हैं ताकि पैसा ट्रैक न हो सके। यह बटन उस ‘गोल्डन ऑवर’ में पैसे को बाहर जाने से रोक देगा।

डिजिटल अरेस्ट का जाल: कैसे फंसते हैं लोग?

साइबर अपराधी आमतौर पर तीन चरणों में हमला करते हैं:

  1. डर पैदा करना: वे फोन करके कहते हैं कि आपके आधार या पार्सल में ड्रग्स या गैरकानूनी सामान पाया गया है।

  2. वर्चुअल कस्टडी: वे आपको स्काइप या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रहने को मजबूर करते हैं। वे पीछे पुलिस स्टेशन या ऑफिस जैसा बैकड्रॉप इस्तेमाल करते हैं ताकि वह असली लगे।

  3. वित्तीय दबाव: केस रफा-दफा करने के नाम पर वे ‘सिक्योरिटी मनी’ मांगते हैं और पीड़ित डर के मारे पैसे ट्रांसफर कर देता है।

नोट: कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर न तो किसी को गिरफ्तार करती है और न ही पैसे मांगती है।

सरकार की अन्य बड़ी तैयारियां

फीचर विवरण
किल स्विच (Kill Switch) बैंक और UPI ऐप्स में ट्रांजेक्शन को तुरंत फ्रीज करने का विकल्प।
साइबर इंश्योरेंस RBI एक ऐसे बीमा पूल (Fraud Insurance Pool) पर विचार कर रहा है जो दबाव में किए गए भुगतानों के नुकसान की भरपाई कर सके।
स्पूफ कॉल ब्लॉकिंग टेलीकॉम विभाग के साथ मिलकर विदेश से आने वाली ऐसी फर्जी कॉल्स को ब्लॉक करना जो भारतीय नंबर की तरह दिखती हैं।
1930 हेल्पलाइन साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए केंद्रीकृत हेल्पलाइन नंबर।

सुरक्षा के लिए ‘Stop, Think, Act’ का मंत्र

NPCI ने डिजिटल सुरक्षा के लिए तीन चरणों वाला फॉर्मूला दिया है:

  1. Stop (रुकें): अनजान कॉल या वीडियो कॉल आने पर घबराएं नहीं, तुरंत जवाब न दें।

  2. Think (सोचें): क्या कोई पुलिस अधिकारी सच में वीडियो कॉल पर पैसे मांगेगा? खुद से सवाल करें।

  3. Act (कार्रवाई करें): कॉल काटें, परिवार को बताएं और तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

डिजिटल अरेस्ट केवल आपके दिमाग का डर है। सरकार द्वारा लाया जा रहा यह ‘इमरजेंसी बटन’ आम आदमी के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। तकनीक के साथ-साथ जागरूकता ही इस नए दौर की ठगी का असली इलाज है।

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