
कानपुर | बुधवार, 22 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। कानपुर नगर स्थित महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (गदनपुर आहर, बिल्हौर) में राज्य के सबसे बड़े जैविक खेती फार्म का भव्य उद्घाटन और जैविक पौधरोपण समारोह संपन्न हुआ।
यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल देगी, बल्कि क्षेत्र के किसानों को आधुनिक व वैज्ञानिक तरीकों से जैविक खेती करने का नया अवसर प्रदान करेगी।
संयुक्त पौधरोपण से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव तथा राष्ट्रीय एकीकृत शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. हीरा लाल पटेल (IAS) ने संयुक्त रूप से पौधरोपण कर किया। इस अवसर पर दोनों अतिथियों ने राज्य में पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को तेजी से अपनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन Farmerface Organic Technology and Research Institute के मुख्य प्रबंध निदेशक मोहन मुरारी सिंह ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
“जैविक खेती केवल समय की मांग नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरत है। अगर हमें स्वस्थ समाज और समृद्ध भारत का निर्माण करना है, तो किसानों को रसायन मुक्त प्राकृतिक कृषि को प्राथमिकता देनी होगी।”
किसानों के लिए अनुसंधान और प्रशिक्षण का बनेगा मुख्य केंद्र
परिसर में स्थापित यह विशाल फार्म अनुसंधान, प्रशिक्षण और नई तकनीकों के प्रदर्शन का मुख्य हब बनेगा।
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व्यवहारिक प्रशिक्षण (Practical Training): स्थानीय और आसपास के जिलों के किसानों को बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के खेती करने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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नवीनतम तकनीक और शोध: कृषि वैज्ञानिक और शोधार्थी यहां मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और जैविक पैदावार सुधारने पर शोध करेंगे।
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जन-आंदोलन का आह्वान: कार्यक्रम में मौजूद प्रगतिशील किसानों, वैज्ञानिकों और गणमान्य अतिथियों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और जैविक खेती को राज्यभर में जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जैविक खेती फार्म कहाँ स्थित है?
यह फार्म कानपुर नगर के बिल्हौर (गदनपुर आहर) स्थित महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी परिसर में स्थापित किया गया है।
2. इस जैविक खेती फार्म का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जैविक कृषि पर शोध करना, आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन करना तथा किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना है।
3. इस कार्यक्रम का उद्घाटन किसने किया?
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव और राष्ट्रीय एकीकृत शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. हीरा लाल पटेल (IAS) ने संयुक्त रूप से पौधरोपण कर इसका उद्घाटन किया।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह लेख महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल जनसामान्य को समाचार एवं जानकारी प्रदान करना है।
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