कन्नौज । शनिवार, 22 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर कन्नौज में सिद्धपीठ बाबा गौरीशंकर मंदिर जा रही कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और शिवभक्तों के बीच तीखा विवाद देखने को मिला। बोर्डिंग मैदान के मुख्य गेट के पास पुलिस द्वारा साउंड सिस्टम (डीजे) और बड़ी कांवड़ को शहर में प्रवेश कराने से रोके जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
क्या है पूरा मामला?
हरदोई जिले के बिलग्राम और आसपास के इलाकों से हजारों की संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेकर कन्नौज स्थित बाबा गौरीशंकर मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। श्रद्धालुओं का जत्था पारंपरिक डीजे और भक्ति भजनों के साथ आगे बढ़ रहा था।
जैसे ही यात्रा कन्नौज शहर की सीमा में प्रवेश करने लगी, सुरक्षा में तैनात पुलिस बल ने डीजे वाहन को आगे जाने से रोक दिया। शिवभक्तों का तर्क था कि वे पिछले 30 वर्षों से इसी स्वरूप और मार्ग से यात्रा निकालते आ रहे हैं। बहस देखते ही देखते कहासुनी और धक्का-मुक्की में बदल गई।
कांवड़ियों का विरोध और सड़क जाम
पुलिस के इस रुख से नाराज कांवड़िए सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि नोकझोंक के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की। स्थिति बिगड़ती देख सैकड़ों कांवड़ियों ने सड़क को घेर लिया और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
प्रशासनिक बैकफुट: एडीएम ने मांगी माफी, कोतवाल का इस्तीफे का ऐलान
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
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ADM की माफी: अपर जिलाधिकारी (ADM) देवेंद्र सिंह ने कांवड़ियों के बीच पहुंचकर स्थिति संभालने की कोशिश की और पुलिस प्रशासन की ओर से हुई गलती पर हाथ जोड़कर खेद व्यक्त किया।
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कोतवाल का ऐलान: बढ़ते दबाव के बीच सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह ने भीड़ के सामने मंच से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया। उन्होंने भावनात्मक संदेश देते हुए कहा कि यदि उनसे कोई भूल हुई है तो ईश्वर न्याय करेगा और वे अपनी नौकरी छोड़ देंगे।
कोतवाल के इस बयान के बाद श्रद्धालुओं का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद प्रशासन ने डीजे के साथ कांवड़ यात्रा को बाबा गौरीशंकर मंदिर की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. कन्नौज में कांवड़ यात्रा का विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ?
Ans: शहर के अंदर डीजे वाहन ले जाने पर पुलिस द्वारा रोक लगाए जाने के कारण विवाद शुरू हुआ, जिससे कांवड़िए नाराज हो गए।
Q2. कांवड़िए कहां से आए थे और उन्हें कहां जाना था?
Ans: अधिकांश कांवड़िए हरदोई के बिलग्राम और आसपास के इलाकों से आए थे और वे कन्नौज के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा गौरीशंकर मंदिर जलाभिषेक के लिए जा रहे थे।
Q3. विवाद को कैसे सुलझाया गया?
Ans: एडीएम देवेंद्र सिंह के माफी मांगने, निष्पक्ष जांच के आश्वासन और सदर कोतवाल जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा इस्तीफे के ऐलान के बाद मामला शांत हुआ और डीजे को आगे जाने की अनुमति मिली।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध प्राथमिक जानकारियों और घटनाक्रम पर आधारित है। पूरे मामले की आधिकारिक जांच प्रक्रिया जारी है और आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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