रविवार, अगस्त 23 2026 | 06:53:14 AM
Breaking News
Home / राज्य / उत्तरप्रदेश / यूपी में ऐप कैब और डिलीवरी सेवाओं के लिए नए नियम लागू: सर्ज प्राइजिंग पर रोक, ड्राइवरों को बीमा सुरक्षा

यूपी में ऐप कैब और डिलीवरी सेवाओं के लिए नए नियम लागू: सर्ज प्राइजिंग पर रोक, ड्राइवरों को बीमा सुरक्षा

Follow us on:

उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित कैब और डिलीवरी सेवाओं के लिए नए नियम लागू
लखनऊ । शनिवार, 22 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कैब एग्रीगेटर्स, बाइक-टैक्सी और हाइपरलोकल डिलीवरी सेवाओं को विनियमित करने के लिए उत्तर प्रदेश मोटर वाहन (Aggregator and Delivery Service Provider) Rules, 2026 लागू कर दिया है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, मनमाने किराये पर अंकुश लगाना और ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

लाइसेंसिंग और वित्तीय मानक

राज्य में अब Ola, Uber, Rapido, Swiggy और Zomato जैसी कंपनियों को संचालन के लिए स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
  • लाइसेंस अवधि: 5 वर्ष
  • आवेदन एवं शुल्क: ₹25,000 आवेदन शुल्क तथा ₹5 लाख लाइसेंस शुल्क।
  • सिक्योरिटी डिपॉजिट: वाहनों की संख्या के आधार पर ₹10 लाख से ₹50 लाख।

यात्रियों के लिए राहत: सर्ज प्राइसिंग पर कैपिंग

बारिश या पीक ऑवर्स के दौरान अचानक कई गुना किराया बढ़ने की समस्या पर लगाम लगाई गई है।
  1. Surge Pricing Limit: एग्रीगेटर कंपनियां बेस फेयर से अधिकतम 50% से ज्यादा किराया नहीं बढ़ा सकती हैं।
  2. नो-शो पेनल्टी (No-Show Penalty): यदि ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद ग्राहक को लेने नहीं आता है, तो ₹100 तक का जुर्माना लगेगा। यह राशि प्रभावित ग्राहक को अगली राइड में क्रेडिट के रूप में दी जाएगी।
  3. सुरक्षा एवं शिकायत निवारण: वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग और पैनिक बटन अनिवार्य होगा। हर कंपनी को एक Grievance Redressal Officer तैनात करना होगा।

ड्राइवरों के लिए कल्याणकारी योजनाएं

ड्राइवरों के सामाजिक और आर्थिक हित सुरक्षित करने के लिए विशेष नियम बनाए गए हैं:
  • स्वास्थ्य बीमा: न्यूनतम ₹5 लाख का हेल्थ कवर।
  • टर्म इंश्योरेंस: न्यूनतम ₹10 लाख का टर्म लाइफ कवर।
  • मल्टी-प्लेटफॉर्म छूट: ड्राइवर एक से अधिक ऐप पर काम करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
  • सत्यापन एवं ट्रेनिंग: कैरेक्टर सर्टिफिकेट, पुलिस वेरिफिकेशन और नियमित रिफ्रेशर ट्रेनिंग अनिवार्य होगी।

डिजिटल निगरानी और पर्यावरण संरक्षण

सरकार ने वाहनों के ऑनलाइन रिकॉर्ड और निगरानी के लिए UP My Fleet पोर्टल पेश किया है। इसके माध्यम से बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की हिस्सेदारी बढ़ाने के लक्ष्यों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1: सर्ज प्राइसिंग की अधिकतम सीमा क्या तय की गई है?
Ans: नए नियमों के तहत कंपनियां बेस फेयर से अधिकतम 50% तक ही अतिरिक्त किराया वसूल सकती हैं।
Q2: क्या बुकिंग रद्द करने या पिकअप न करने पर ड्राइवर पर पेनल्टी लगेगी?
Ans: हां, बिना उचित कारण पिकअप न करने पर ₹100 तक का जुर्माना लग सकता है, जो यात्री को अगली यात्रा में छूट के रूप में मिलेगा।
Q3: एग्रीगेटर कंपनियों को ड्राइवरों को कितना बीमा देना होगा?
Ans: कंपनियों को ड्राइवरों के लिए ₹5 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस और ₹10 लाख का टर्म इंश्योरेंस प्रदान करना अनिवार्य है।

Disclaimer

यह लेख उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और उत्तर प्रदेश मोटर वाहन (Aggregator and Delivery Service Provider) Rules, 2026 के आधिकारिक विवरणों पर आधारित है। नीतिगत बदलावों और सटीक अपडेट के लिए कृपया संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

Rampur Johar University campus complex where ED conducted financial investigation raids.

रामपुर से दिल्ली तक ED का शिकंजा: आजम खान, जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसरों पर बड़ी छापेमारी

लखनऊ । बुधवार, 19 अगस्त 2026  समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम …