नई दिल्ली. 77वें गणतंत्र दिवस (2026) के उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली अभेद्य किले में तब्दील हो चुकी है। एक ओर जहां कर्तव्य पथ पर भारतीय शक्ति और संस्कृति के भव्य प्रदर्शन की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की नई धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा है।
1. पन्नू की ताज़ा धमकी और दिल्ली पुलिस की FIR
खालिस्तानी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 26 जनवरी से पहले दिल्ली में अशांति फैलाने का एक वीडियो जारी किया है।
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FIR दर्ज: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आज (23 जनवरी 2026) पन्नू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 197, 152 और 61 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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दावा बनाम हकीकत: पन्नू ने दावा किया कि उसके ‘स्लीपर सेल्स’ ने रोहिणी और डाबरी इलाकों में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस की गहन तलाशी में ऐसे कोई पोस्टर नहीं मिले हैं, जिसे पुलिस ने “मनोवैज्ञानिक युद्ध” (Psychological Warfare) करार दिया है।
2. दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा के लिए दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (Multi-layer Security) लागू की गई है:
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कर्तव्य पथ पर सुरक्षा: 70,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। समारोह स्थल के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम और चेहरा पहचानने वाले (FRS) कैमरों का जाल बिछाया गया है।
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नो फ्लाई ज़ोन: दिल्ली के ऊपर ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध है।
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आतंकवाद विरोधी दस्ते: स्वात (SWAT) कमांडो और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
3. खालिस्तानी साजिशों का वैश्विक पैटर्न
पन्नू की धमकियाँ केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। हालिया घटनाओं ने इन साजिशों के वैश्विक नेटवर्क को उजागर किया है:
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क्रोएशिया में तोड़फोड़: पन्नू के उकसावे पर ही हाल ही में क्रोएशिया के ज़ाग्रेब में भारतीय दूतावास में तोड़फोड़ की गई और तिरंगे को हटाने का प्रयास किया गया।
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साइबर धमकी: दिल्ली के स्कूलों और अस्पतालों को मिलने वाली ‘होक्स’ ईमेल बम धमकियों के पीछे भी खालिस्तानी एंगल की जांच की जा रही है।
4. गणतंत्र दिवस 2026 का विशेष आकर्षण: ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन
आतंकी धमकियों के बीच भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इस साल फ्लाईपास्ट में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन मुख्य आकर्षण होगा, जिसमें राफेल, सुखोई-30 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमान अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगे।
पन्नू जैसे अलगाववादी तत्वों की धमकियाँ भारत की अखंडता को चुनौती देने का एक असफल प्रयास हैं। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सक्षम और सतर्क हैं।
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