नई दिल्ली. देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर आई है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने घोषणा की है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब उन ‘इनऑपरेटिव’ (Inactive) खातों में पड़े अनक्लेम्ड पैसे को खुद सब्सक्राइबर्स के बैंक खातों में भेजने की तैयारी कर रहा है, जो सालों से लावारिस पड़े थे।
इस ऐतिहासिक कदम से उन लाखों मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों को फायदा होगा, जो छोटी रकम होने या जटिल कागजी कार्रवाई के डर से अपना पैसा नहीं निकाल पा रहे थे।
📊 आंकड़ों का खेल: ₹10,903 करोड़ का होगा निपटारा
EPFO के पास जमा आंकड़ों के अनुसार, यह कोई छोटी-मोटी रकम नहीं है। यहाँ समझें कि कितने लोग इससे लाभान्वित होंगे:
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कुल इनऑपरेटिव खाते: लगभग 31.86 लाख अकाउंट्स ऐसे हैं जिनमें सालों से कोई हलचल नहीं हुई है।
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फंसी हुई कुल राशि: इन खातों में कुल ₹10,903 करोड़ जमा हैं।
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छोटे अकाउंट्स पर फोकस: इनमें से 7.11 लाख खाते ऐसे हैं जिनमें ₹1,000 से कम का बैलेंस है। इन छोटे खातों में कुल ₹30.52 करोड़ जमा हैं।
🚀 पायलट फेज़: किसे मिलेगा सबसे पहले पैसा?
सरकार इस योजना को चरणों में लागू कर रही है। पायलट फेज़ में लगभग 7 लाख (0.7 मिलियन) सब्सक्राइबर्स को चुना गया है।
खास बात: जिन सब्सक्राइबर्स के खातों में Aadhaar-linked बैंक डिटेल्स पहले से मौजूद हैं, उनके बैंक खातों में EPFO सीधे पैसा ट्रांसफर कर देगा। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो बाकी बचे 25 लाख खातों को भी इसी ऑटोमैटिक रिफंड सिस्टम से जोड़ दिया जाएगा।
🕒 20 साल पुराने खातों की भी होगी ‘घर वापसी’
लेबर मिनिस्ट्री के मुताबिक, कई PF अकाउंट 20 साल से भी अधिक पुराने हैं। नियमों के अनुसार, यदि किसी खाते में पिछले 3 साल से कोई ट्रांजैक्शन नहीं होता है, तो उसे ‘इनऑपरेटिव’ मान लिया जाता है।
अक्सर कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहरों में, जहाँ श्रमिक बार-बार अपनी नौकरी बदलते हैं, वे अपना पुराना UAN (Universal Account Number) या PF अकाउंट भूल जाते हैं। अब डिजिटल डेटाबेस की मदद से सरकार इन पुराने हकदारों को ढूंढकर उनका पैसा लौटाएगी।
💡 पहले पैसा क्यों नहीं निकलता था? (मुख्य कारण)
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जटिल क्लेम प्रोसेस: EPF & MP एक्ट के तहत पैसा निकालने के लिए फॉर्म भरना और क्लेम फाइल करना अनिवार्य था।
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कम बैलेंस: कई बार खाते में मात्र ₹200 या ₹500 होते थे, जिसके लिए लोग लंबी प्रक्रिया में पड़ना नहीं चाहते थे।
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डॉक्यूमेंटेशन की कमी: आधार लिंकिंग न होने या पुराने रिकॉर्ड्स न मिलने के कारण क्लेम रिजेक्ट हो जाते थे।
अब EPFO ने इस बाधा को हटाते हुए “प्रो-एक्टिव मोड” अपनाया है, जहाँ कर्मचारी को क्लेम करने की ज़रूरत नहीं होगी, बल्कि विभाग खुद पैसा भेजेगा।
✅ अपना पैसा पाने के लिए क्या करें?
हालांकि सरकार खुद पैसा भेज रही है, लेकिन आप अपनी ओर से ये 3 काम जरूर सुनिश्चित करें:
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UAN एक्टिवेट रखें: सुनिश्चित करें कि आपका UAN सक्रिय है।
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KYC अपडेट करें: अपना आधार, पैन और बैंक खाता संख्या (IFSC कोड के साथ) EPFO पोर्टल पर अपडेट रखें।
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पुरानी ID लिंक करें: यदि आपकी पुरानी PF ID अलग है, तो उसे वर्तमान UAN से लिंक करने का प्रयास करें।
सरकार का यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि उन गरीब श्रमिकों को भी आर्थिक संबल देगा जिनका पैसा दशकों से सिस्टम में फंसा हुआ था। यह ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव है।
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