अमेठी । रविवार, 23 अगस्त 2026
भारत के रक्षा विनिर्माण उद्योग ने एक नया इतिहास रच दिया है। उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डनेंस फैक्ट्री में तैयार की गई देश की पहली 100% स्वदेशी AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल का सफलता पूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया गया है। इस राइफल के निर्माण में उपयोग किया गया हर एक कंपोनेंट, बैरल से लेकर इसका मटेरियल तक, पूरी तरह से भारतीय उद्योग और मेक इन इंडिया पहल का परिणाम है।
स्वदेशी विनिर्माण और इंडो-रशियन पार्टनरशिप
AK-203 का निर्माण Indo-Russian Rifles Private Limited (IRRPL) द्वारा किया जा रहा है। यह भारत और रूस का एक संयुक्त उद्यम है, जिसमें रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण के तहत लगातार काम किया जा रहा था। हाल ही में हुए फायरिंग टेस्ट (जिसमें बर्स्ट फायरिंग शामिल थी) के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं।
कंपनी अब इसी स्वदेशी मानक पर और अधिक प्रोटोटाइप्स तैयार कर रही है, जिन्हें सितंबर 2026 तक भारतीय सेना के कड़े मूल्यांकन एवं परीक्षणों (Trial Tests) के लिए सौंपा जाएगा।
INSAS को करेगी रिप्लेस: 6 लाख राइफलों की आपूर्ति योजना
भारतीय सेना में दशकों से इस्तेमाल की जा रही INSAS (इंसास) राइफलों के स्थान पर AK-203 ‘शेर’ को शामिल किया जाएगा।
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कुल उत्पादन: परियोजना के तहत लगभग 6 लाख AK-203 राइफलों की आपूर्ति की योजना बनाई गई है।
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उत्पादकता: कोरवा प्लांट में प्रति 100 सेकंड में एक राइफल तैयार करने की क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है, जिससे हर महीने लगभग 12,000 राइफलों की डिलीवरी संभव हो सकेगी।
AK-203 ‘शेर’ की प्रमुख विशेषताएं
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कैलिबर: 7.62 x 39 mm
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फायरिंग स्पीड: लगभग 700 राउंड प्रति मिनट
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प्रभावी रेंज: 400 से 800 मीटर तक
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आधुनिक एर्गोनॉमिक्स: पिकाटिनी रेल सिस्टम जिससे नाइट-विज़न, दूरबीन और ऑप्टिक्स आसानी से माउंट किए जा सकें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. AK-203 ‘शेर’ राइफल कहां बनाई जा रही है?
यह राइफल उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा ऑर्डनेंस फैक्ट्री में इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) द्वारा बनाई जा रही है।
Q2. यह राइफल भारतीय सेना में किस हथियार की जगह लेगी?
यह भारतीय सेना में लंबे समय से इस्तेमाल हो रही INSAS (इंसास) राइफलों का स्थान लेगी।
Q3. AK-203 ‘शेर’ की मुख्य तकनीकी विशेषताएं क्या हैं?
यह $7.62 \times 39\text{ mm}$ कैलिबर की आधुनिक राइफल है जिसकी फायरिंग क्षमता लगभग 700 राउंड प्रति मिनट है।
Q4. भारतीय सेना के लिए कितनी AK-203 राइफलों के निर्माण की योजना है?
परियोजना के तहत भारतीय सेना के लिए करीब 6 लाख AK-203 राइफलों का उत्पादन किया जाएगा।
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह लेख रक्षा समाचारों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक बयानों व रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल पाठकों को सूचित और जागरूक करना है।
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