पोर्ट ब्लेयर. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मायाबंदर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। पवन हंस के एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। राहत की बात यह रही कि पायलट की सूझबूझ और त्वरित बचाव अभियान के चलते हेलीकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर ने सुबह पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर के लिए नियमित उड़ान भरी थी। सुबह करीब 9:30 बजे जब हेलीकॉप्टर लैंडिंग की तैयारी कर रहा था, तभी अचानक उसमें तकनीकी समस्या (शॉर्ट क्लाइंबिंग) आ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने एहतियातन हेलीकॉप्टर को रनवे के बजाय समुद्र में उतारने का फैसला किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और यात्री
पवन हंस के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि हादसे के वक्त हेलीकॉप्टर में दो क्रू मेंबर और पांच यात्री सवार थे। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए और पानी में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्राथमिक चिकित्सा जांच के बाद बताया गया कि किसी भी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आई है।
जांच के आदेश
प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
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प्राथमिक कारण: तकनीकी खराबी।
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जांच का विषय: लैंडिंग के दौरान आई ‘शॉर्ट क्लाइंबिंग’ की स्थिति का सही कारण पता लगाना।
सुरक्षा पर सवाल
हाल ही में झारखंड में हुए विमान हादसे के बाद इस घटना ने एक बार फिर देश में हवाई सुरक्षा और विमानों के रखरखाव पर चिंता बढ़ा दी है। खासकर द्वीपीय क्षेत्रों में, जहाँ आवाजाही के लिए हेलीकॉप्टर एक प्रमुख साधन हैं, वहां ऐसी तकनीकी खामियां सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती हैं।
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