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सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी: 24 कैरेट सोना ₹1.63 लाख के पार, जानें क्यों बढ़ रहे हैं दाम और आगे क्या रहेगा चांदी का हाल

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
मुंबई । सोमवार,  24 अगस्त 2026

भारतीय सर्राफा बाजार में सोने (Gold) की कीमतों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है। बीते चार कारोबारी दिनों में सोने के भाव में ₹8,200 से ₹8,400 प्रति 10 ग्राम तक की भारी बढ़त दर्ज की गई है। सोमवार को भी बाजार खुलते ही सोने ने अपने मजबूत रुख को कायम रखा, हालांकि दूसरी तरफ चांदी (Silver) की रफ्तार पर थोड़ा ब्रेक लगता नजर आया।

24 और 22 कैरेट सोने के ताजा भाव

बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को सोने की दरों में ऐतिहासिक स्तर देखा गया:
  • 24 कैरेट सोना: ₹16,397 प्रति ग्राम (अर्थात ₹1,63,970 प्रति 10 ग्राम)
  • 22 कैरेट सोना: ₹15,030 प्रति ग्राम (अर्थात ₹1,50,300 प्रति 10 ग्राम)
ध्यान दें कि स्थानीय सर्राफा संघों, करों (GST) और मेकिंग चार्जेस के कारण विभिन्न शहरों में सोने-चांदी के अंतिम खुदरा मूल्य में थोड़ा अंतर आ सकता है।

चांदी की चाल पर लगा ब्रेक

जहां एक तरफ सोना नए रिकॉर्ड स्तर छू रहा है, वहीं दूसरी ओर चांदी की कीमतों में सुस्ती दर्ज की गई। सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान चांदी के दामों में उतार-चढ़ाव बना रहा और इसकी तेजी पर अस्थायी ब्रेक लग गया। इसके बावजूद औद्योगिक मांग मजबूत होने के कारण चांदी अभी भी अपने ऊपरी स्तरों के आसपास ही कारोबार कर रही है।

सोने में तेजी के 3 मुख्य कारण

अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई ऐसे कारक हैं जो सोने की कीमतों को हवा दे रहे हैं:
  1. कमजोर अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से सोने में निवेश आकर्षण बढ़ा है।
  2. सुरक्षित निवेश की मांग (Safe Haven): वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाओं और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक सोने को सबसे सुरक्षित एसेट मानकर इसमें खरीदारी बढ़ा रहे हैं।
  3. फेडरल रिजर्व की नीति पर नजर: अमेरिका के आगामी मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों और यूएस फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों में कटौती के संकेतों पर दुनिया भर के बाजारों की नजर टिकी है।

आगे कैसा रहेगा सोने-चांदी का रुख?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आंकड़े, डॉलर सूचकांक की चाल और वैश्विक घटनाएं सोने-चांदी की भावी दिशा तय करेंगी। यदि वैश्विक अनिश्चितता इसी तरह बनी रहती है, तो सोने की कीमतों को आगे भी सहारा मिलता रहेगा। वहीं चांदी में औद्योगिक मांग के आधार पर सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमत में क्या अंतर है?
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से सिक्कों और बार के लिए होता है। 22 कैरेट सोने में 91.6% शुद्ध सोना होता है और इसमें मजबूती के लिए अन्य धातुओं का मिश्रण किया जाता है, जिससे आभूषण बनाए जाते हैं।
Q2. क्या सर्राफा बाजार की कीमतें पूरे भारत में एक समान होती हैं?
नहीं, स्थानीय सर्राफा एसोसिएशनों के फैसले, परिवहन लागत और स्थानीय करों के कारण अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी की दरों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
Q3. सोने की खरीदारी पर अतिरिक्त शुल्क क्या लागू होते हैं?
सोने के आभूषण या सिक्के खरीदते समय मूल भाव के अलावा मेकिंग चार्ज (Making Charges) और 3% GST का भुगतान करना होता है।

Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। सर्राफा बाजार में दरें प्रतिदिन बदलती रहती हैं। किसी भी प्रकार का वित्तीय निवेश या सोने-चांदी की खरीदारी करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें या अपने स्थानीय पंजीकृत सर्राफा व्यापारी से पुष्टि करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।