नई दिल्ली. देश जब अपने 77वें गणतंत्र दिवस के जश्न की तैयारी कर रहा है, तब सीमा पार से अशांति फैलाने की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा हुआ है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान की ISI और आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के ‘कोड नेम 26-26’ टेरर प्लान को डिकोड कर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है।
1. क्या है ‘कोड नेम 26-26’?
खुफिया इनपुट्स के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे आतंकी आकाओं ने 26 जनवरी 2026 को भारत के प्रमुख शहरों और धार्मिक स्थलों को दहलाने की योजना बनाई थी।
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निशाने पर: अयोध्या का राम मंदिर, जम्मू का रघुनाथ मंदिर और दिल्ली के भीड़भाड़ वाले बाजार।
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रणनीति: इस बार आतंकी छोटे समूहों में ‘लोन वुल्फ’ अटैक या IED धमाकों की फिराक में हैं। दिल्ली पुलिस ने कई संदिग्धों के पोस्टर जारी कर जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
2. पंजाब में ‘गैंगस्टर-टेरर’ नेक्सस पर प्रहार
पंजाब में हाल के वर्षों में उभरता हुआ ‘गैंगस्टर-आतंकी गठबंधन’ सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना है। पाकिस्तान में बैठे कट्टरपंथी अब स्थानीय गैंगस्टरों का उपयोग हथियारों और ड्रग्स की तस्करी के लिए कर रहे हैं।
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ऑपरेशन प्रहार (Operation Prahaar): पंजाब पुलिस ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले ‘गैंगस्ट्रान ते वार’ अभियान के तहत 12,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर 600 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की है।
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बड़ी कामयाबी: लुधियाना और अमृतसर से हाल ही में गिरफ्तार आतंकियों के पास से RPG (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) और अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस ने अब तक 1300 से अधिक संदिग्ध सहयोगियों को हिरासत में लिया है।
3. सुरक्षा के ‘हाई-टेक’ इंतजाम
दिल्ली से लेकर कश्मीर तक सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया गया है:
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फेस रिकग्निशन सिस्टम: दिल्ली पुलिस ‘स्मार्ट ग्लास’ का उपयोग कर रही है, जो 65,000 से अधिक अपराधियों के डेटाबेस से लैस है।
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एंटी-ड्रोन तकनीक: पंजाब सीमा पर बीएसएफ ने नई एंटी-ड्रोन प्रणालियाँ स्थापित की हैं ताकि हथियारों की ड्रॉपिंग रोकी जा सके।
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बॉर्डर सील: 25 जनवरी की रात से ही दिल्ली के सभी बॉर्डर्स को भारी वाहनों के लिए सील कर दिया गया है।
Matribhumisamachar


