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गणतंत्र दिवस 2026: दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम और AI तकनीक का पहरा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस अवसर पर दिल्ली, विशेषकर कर्तव्य पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाया गया है। इस साल की सुरक्षा की सबसे बड़ी विशेषता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाइटेक गैजेट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल है।

1. अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग (AI और स्मार्ट ग्लास)

इस साल दिल्ली पुलिस ने पहली बार सुरक्षा में ‘वियरेबल टेक्नोलॉजी’ का उपयोग किया है:

  • AI स्मार्ट चश्मा: परेड मार्ग पर तैनात पुलिसकर्मी AI-इनेबल्ड स्मार्ट चश्मे पहन रहे हैं। ये चश्मे Facial Recognition System (FRS) से लैस हैं, जो भीड़ में मौजूद किसी भी संदिग्ध या अपराधी का चेहरा पहचान कर तुरंत पुलिस डेटाबेस से मिलान करते हैं और अधिकारी को अलर्ट भेजते हैं।

  • वीडियो एनालिटिक्स: सभी CCTV कैमरों को उन्नत वीडियो एनालिटिक्स से जोड़ा गया है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की ऑटोमैटिक पहचान संभव हो पा रही है।

2. सुरक्षा बलों की भारी तैनाती

राजधानी को एक किले में तब्दील कर दिया गया है:

  • कुल बल: लगभग 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 70 से अधिक कंपनियां पूरी दिल्ली में तैनात हैं।

  • नई दिल्ली क्षेत्र: विशेष रूप से नई दिल्ली जिले में 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

  • स्नाइपर्स और कमांडो: कर्तव्य पथ के आसपास की सभी ऊंची इमारतों पर एनएसजी (NSG) स्नाइपर्स और अचूक निशानेबाज तैनात हैं।

3. बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा (Multi-layered Cordon)

कर्तव्य पथ पर आने वाले मेहमानों और दर्शकों के लिए सुरक्षा को 6 स्तरों में विभाजित किया गया है:

  • हवाई सुरक्षा: दिल्ली को ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है। हवाई खतरों और छोटे ड्रोन्स को बेअसर करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किए गए हैं।

  • सघन तलाशी: परेड स्थल पर प्रवेश के लिए मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे मशीन और क्यूआर कोड आधारित पास अनिवार्य किए गए हैं।

4. सीमाओं और सार्वजनिक स्थलों पर कड़ी नजर

  • बॉर्डर सील: दिल्ली की सभी सीमाओं (सिंघू, टीकरी, गाजीपुर आदि) पर दो-स्तरीय बैरिकेडिंग की गई है और रविवार रात से ही भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।

  • सत्यापन अभियान: पिछले कई दिनों से होटलों, गेस्ट हाउसों, किराएदारों और नौकरों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया है। साथ ही रसायनों और दवाओं की दुकानों की भी जांच की गई है ताकि किसी भी विस्फोटक सामग्री के निर्माण को रोका जा सके।

5. यातायात और आपातकालीन व्यवस्था

  • ट्रैफिक एडवाइजरी: दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली के कई रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया है। ट्रैफिक को डाइवर्ट करने के लिए जगह-जगह हेल्प डेस्क बनाए गए हैं।

  • कंट्रोल रूम: पूरी नई दिल्ली में निगरानी के लिए 31 कंट्रोल रूम बनाए गए हैं जो हर पल की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।

नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुई बम धमाके की घटना को ध्यान में रखते हुए इस साल सुरक्षा एजेंसियां एक्स्ट्रा अलर्ट पर हैं। दर्शकों को सलाह दी गई है कि वे केवल मोबाइल फोन लेकर आएं और किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान, बैग या तरल पदार्थ साथ न रखें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।