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बांके बिहारी की शरण में भाजपा के ‘नए सारथी’, नितिन नवीन और सीएम योगी ने ब्रज से फूंका 2027 का चुनावी शंखनाद

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. रविवार का दिन ब्रजभूमि के लिए आध्यात्मिक और राजनैतिक, दोनों ही दृष्टियों से ऐतिहासिक रहा। भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश के प्रवास पर मथुरा पहुंचे। यहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं ने ठाकुर बांके बिहारी जी के चरणों में माथा टेका और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए संगठन की नई रणनीति की नींव रखी।

आस्था और राजनीति का संगम: ‘मन की बात’ और दर्शन

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह वृंदावन के अक्षय पात्र चंद्रोदय मंदिर परिसर से हुई। यहाँ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 130वां संस्करण सुना। इसके बाद नेताओं का काफिला सीधे बांके बिहारी मंदिर पहुंचा, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की गई।

संगठन की रणनीति: 2027 के लिए ‘बूथ जीतो’ का मंत्र

दर्शन के उपरांत हुई सांगठनिक बैठक में नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट संकेत दिए कि भाजपा अब पूरी तरह 2027 के विधानसभा चुनावों के मोड में आ गई है।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • विभाजनकारी ताकतों से सावधान: नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि चुनाव आते ही देश को बांटने और संविधान का अपमान करने वाली ताकतें सक्रिय हो जाती हैं, जिनसे डटकर मुकाबला करना है।

  • बूथ मजबूती पर जोर: राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रत्येक बूथ पर ‘मन की बात’ के सार्वजनिक आयोजन करने और पन्ना प्रमुखों को सक्रिय करने का निर्देश दिया।

  • यूपी का विकास मॉडल: सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नितिन नवीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पहला यूपी दौरा कान्हा की नगरी से शुरू होना शुभ संकेत है। उन्होंने पिछले 9 वर्षों में यूपी में हुए बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक पुनरुद्धार (अयोध्या, काशी, मथुरा) को जनता के बीच ले जाने की बात कही।

भावुक क्षण: विधायक राजेश चौधरी के आवास पर शोक संवेदना

राजनीतिक कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री और भाजपा अध्यक्ष मांट विधानसभा से विधायक राजेश चौधरी के आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने विधायक की पूज्य माता जी के निधन पर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।