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मन की बात: पीएम मोदी ने स्टार्टअप्स को दिया ‘क्वालिटी’ का मंत्र, बोले- उत्कृष्टता को बनाएं अपनी पहचान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड के जरिए राष्ट्र को संबोधित किया। 2026 के इस पहले संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं और उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए ‘क्वालिटी और उत्कृष्टता’ को अपना मूल मंत्र बनाने का संदेश दिया।

1. उत्कृष्टता को बनाएं बेंचमार्क (Benchmark of Excellence)

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहा है, लेकिन अब हमें केवल संख्या (Quantity) पर नहीं बल्कि गुणवत्ता (Quality) पर ध्यान केंद्रित करना होगा। उन्होंने देश के स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSMEs) से आग्रह किया कि वे अपनी सेवाओं और उत्पादों को इस तरह तैयार करें कि ‘मेड इन इंडिया’ पूरी दुनिया में उत्कृष्टता का पर्याय (Benchmark of Excellence) बन जाए।

2. स्टार्टअप्स के लिए बड़ा संदेश

पीएम मोदी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा, “हमारे युवाओं ने दिखाया है कि वे दुनिया को रास्ता दिखा सकते हैं। अब समय है कि हमारे स्टार्टअप्स ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ (Zero Defect, Zero Effect) के सिद्धांत को अपनाएं। जब आपका उत्पाद श्रेष्ठ होगा, तो बाजार खुद आपके पास आएगा।”

3. ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ और युवाओं की शक्ति

आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस (25 जनवरी) भी है, जिसका उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने पहली बार वोट देने वाले युवाओं (First-time Voters) को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “आपका एक वोट केवल प्रतिनिधि नहीं चुनता, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा तय करता है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर युवा का पंजीकरण और मतदान आवश्यक है।”

4. गणतंत्र दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं

कल होने वाले 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि यह दिन हमारे संविधान के प्रति समर्पण और देश के स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने इस बार की परेड में ‘नारी शक्ति’ और ‘आत्मनिर्भरता’ की झलक देखने के लिए देशवासियों को प्रोत्साहित किया।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।