तेहरान | बुधवार, 25 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने समुद्र में अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान जा रहे एक बड़े मालवाहक जहाज को रोक दिया है। ‘SELEN’ नाम का यह कंटेनर जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह से पाकिस्तान के कराची बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था। जैसे ही जहाज सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास पहुंचा, ईरानी नौसेना ने इसे घेर लिया और कानूनी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए वापस लौटने पर मजबूर कर दिया।
ईरान ने क्यों उठाया यह सख्त कदम?
IRGC के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
“कंटेनर जहाज SELEN के पास इस जलमार्ग से गुजरने के लिए आवश्यक कानूनी अनुमति और दस्तावेज नहीं थे। अब से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले हर जहाज को ईरानी समुद्री प्राधिकरण के साथ पूर्ण समन्वय (Coordination) करना अनिवार्य है।”
जानकारों का मानना है कि ईरान ने अब इस जलडमरूमध्य पर अपना ‘संप्रभु नियंत्रण’ कड़ा कर दिया है, जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा गुजरता है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को लगा ‘बड़ा झटका’
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को एक ‘शांतिदूत’ के रूप में पेश कर रहे हैं। पाकिस्तान ने हाल ही में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी।
हालाँकि, ईरान द्वारा पाकिस्तान की खाद्य सामग्री से भरे जहाज को वापस भेजना यह संकेत देता है कि तेहरान वर्तमान परिस्थितियों में इस्लामाबाद को एक प्रभावशाली मध्यस्थ के रूप में नहीं देख रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान ने इस कार्रवाई के जरिए यह संदेश दिया है कि सुरक्षा और समुद्री संप्रभुता के मामलों में वह अपने ‘करीबी सहयोगियों’ को भी रियायत देने के मूड में नहीं है।
शिपिंग जगत में हड़कंप: क्या अब देना होगा ‘टोल टैक्स’?
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ‘ट्रांजिट फीस’ या एक प्रकार का ‘टोल’ लगाने की नीति भी शुरू की है। कुछ अंतरराष्ट्रीय सूत्रों का दावा है कि अब जहाजों को सुरक्षित मार्ग के लिए $2 मिलियन (लगभग 16 करोड़ रुपये) तक की राशि चुकानी पड़ सकती है। भारत सहित कई देशों ने इस तरह के किसी भी अवैध शुल्क का विरोध किया है।
| जहाज का विवरण | जानकारी |
| नाम | SELEN (IMO: 9208459) |
| ध्वज (Flag) | सेंट किट्स एंड नेविस |
| रूट | शारजाह (UAE) से कराची (पाकिस्तान) |
| सामग्री | खाद्य आपूर्ति (Food Supplies) |
| वर्तमान स्थिति | शारजाह के पास वापस लंगर डाला |
निष्कर्ष और वैश्विक प्रभाव
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की बढ़ती सख्ती ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को संकट में डाल दिया है। यदि यह मार्ग पूरी तरह प्रभावित होता है, तो दुनिया भर में ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। पाकिस्तान के लिए यह दोहरा झटका है—एक तरफ उसकी कूटनीतिक साख गिरी है और दूसरी तरफ कराची तक पहुंचने वाली जरूरी रसद भी रुक गई है।
मुख्य बिंदु:
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ईरान की IRGC ने कराची जा रहे मालवाहक जहाज ‘SELEN’ को बीच रास्ते से लौटाया।
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में ईरान-अमेरिका के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी।
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ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त ‘एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल’ लागू किया, बिना अनुमति आवाजाही पर रोक।
Matribhumisamachar


