मंगलवार, मार्च 31 2026 | 05:30:21 AM
Breaking News
Home / राज्य / पश्चिम बंगाल / बंगाल चुनाव 2026: ममता का ‘अस्मिता कार्ड’ बनाम बीजेपी का ‘तुष्टिकरण’ पर प्रहार, क्या वोटर लिस्ट विवाद बदलेगा खेल?

बंगाल चुनाव 2026: ममता का ‘अस्मिता कार्ड’ बनाम बीजेपी का ‘तुष्टिकरण’ पर प्रहार, क्या वोटर लिस्ट विवाद बदलेगा खेल?

Follow us on:

कोलकाता | बुधवार, 25 मार्च 2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिगुल बज चुका है और राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर है। चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीखों (23 और 29 अप्रैल) के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। जहाँ बीजेपी इसे ‘भ्रष्टाचार और भेदभाव’ से मुक्ति का चुनाव बता रही है, वहीं टीएमसी इसे ‘बंगाली अस्मिता’ की रक्षा की लड़ाई करार दे रही है।

ममता की हुंकार: “वोटर लिस्ट से नाम हटाना NRC की साजिश”

उत्तरी बंगाल के मैनागुड़ी में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के नाम पर बंगाल के लाखों असली मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं।

  • बड़ा दावा: ममता बनर्जी ने कहा, “आज ये आपका वोट देने का अधिकार छीन रहे हैं, कल इसी बहाने NRC थोपकर आपकी नागरिकता छीन लेंगे।”

  • रणनीति: उन्होंने अपने उम्मीदवारों को आगाह किया कि नामांकन के समय कानूनी अड़चनों से बचने के लिए वकीलों की फौज साथ रखें।

  • अस्मिता कार्ड: सीएम ने बीजेपी को ‘बंगाली-विरोधी’ बताते हुए कहा कि बाहरी राज्य के लोग बंगाल की संस्कृति पर हमला कर रहे हैं।

नितिन नबीन का पलटवार: “पूजा के लिए कोर्ट जाना पड़े, यह कैसा लोकतंत्र?”

इधर, कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने ममता सरकार पर तुष्टिकरण का सीधा आरोप लगाया।

  • भेदभाव का आरोप: नबीन ने कहा, “बंगाल में नमाज के लिए सड़कें खुल जाती हैं, लेकिन हिंदुओं को दुर्गा पूजा या काली पूजा के पंडाल लगाने के लिए हाईकोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं। यह दोहरा मापदंड अब नहीं चलेगा।”

  • सोनार बांग्ला का संकल्प: उन्होंने दावा किया कि मां काली के आशीर्वाद से राज्य में ‘विकसित बंगाल’ का निर्माण होगा और बीजेपी इस बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आएगी।

चुनाव 2026: मुख्य आंकड़े और कार्यक्रम

कार्यक्रम विवरण
कुल विधानसभा सीटें 294
मतदान चरण 02 चरण
पहला चरण (152 सीटें) 23 अप्रैल 2026
दूसरा चरण (142 सीटें) 29 अप्रैल 2026
चुनावी नतीजे 04 मई 2026

वोटर लिस्ट विवाद: क्यों गरमाया है मुद्दा?

इस चुनाव में सबसे बड़ा विवाद वोटर लिस्ट को लेकर है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक:

  1. SIR के तहत डिलीशन: लगभग 63 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।

  2. अंडर एडजूडिकेशन (Under Adjudication): करीब 60 लाख मतदाताओं के नाम अभी भी ‘जांच के दायरे’ में हैं, जिन्हें लेकर टीएमसी बेहद आक्रामक है।

  3. विपक्ष का तर्क: बीजेपी का कहना है कि यह ‘फर्जी और घुसपैठिए’ मतदाताओं को बाहर निकालने की प्रक्रिया है, जबकि टीएमसी इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बता रही है।

विशेष नोट: पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी हिंसा को रोकने के लिए चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की अभूतपूर्व तैनाती की है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

बंगाल चुनाव 2026: अमित शाह ने जारी किया ममता सरकार के खिलाफ ‘अभियोगनामा’, 14 क्षेत्रों में विफलताओं का लगाया आरोप

कोलकाता | शनिवार, 28 मार्च 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिगुल फूँकते …