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माघ मेला और गणतंत्र दिवस का अद्भुत संयोग: राम मंदिर और संगम पर उमड़ा आस्था का महाकुंभ

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गणतंत्र दिवस के अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष सजावट।

लखनऊ. जनवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में भारत एक अद्भुत आध्यात्मिक और राष्ट्रभक्ति के संगम का साक्षी बन रहा है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के साथ-साथ प्रयागराज में चल रहा माघ मेला और अयोध्या में राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ के उत्सव ने पूरे देश में एक अभूतपूर्व उत्साह पैदा कर दिया है।

1. प्रयागराज माघ मेला: संगम पर आस्था का सैलाब

प्रयागराज में 3 जनवरी से शुरू हुआ माघ मेला 2026 अपने चरम पर है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस और सप्ताहांत (Weekend) के संयोग ने श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि की है।

  • अचला सप्तमी और गणतंत्र दिवस: 25 जनवरी को अचला सप्तमी के पावन अवसर पर संगम में भारी भीड़ रही, जो गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की छुट्टी के कारण सोमवार को भी जारी है।

  • आंकड़े: प्रशासन के अनुसार, पिछले दो दिनों में संगम तट पर 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई है। कल्पवासियों के शिविरों में तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान के साथ माघ स्नान की परंपरा निभाई गई।

2. अयोध्या राम मंदिर: दूसरी वर्षगांठ और गणतंत्र उत्सव

22 जनवरी 2026 को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई, जिसका उत्सव गणतंत्र दिवस तक जारी रहा।

  • श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड: रविवार (25 जनवरी) को अयोध्या में 3 लाख से अधिक भक्तों ने रामलला के दर्शन किए। भीड़ इतनी अधिक थी कि 28 जनवरी तक के सभी ऑफलाइन और ऑनलाइन पास पहले ही बुक हो चुके हैं।

  • विशेष भेंट: इस अवसर पर तमिलनाडु की महिला कारीगरों द्वारा निर्मित 286 किलो का भव्य ‘कोदंड’ धनुष रामलला को अर्पित किया गया, जो ‘नारी शक्ति’ और भक्ति का प्रतीक बना।

  • तिरंगा और राम भक्ति: राम जन्मभूमि पथ को तिरंगों और फूलों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में गणतंत्र दिवस पर विशेष आरती और ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

3. मंदिरों में राष्ट्रीय उत्सव

सिर्फ अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी देशभक्ति का रंग चढ़ा है:

  • काशी विश्वनाथ (वाराणसी): बाबा विश्वनाथ के दरबार में तिरंगा झांकी सजाई गई और भक्तों ने गंगा स्नान के बाद तिरंगा हाथों में लेकर मंदिर की परिक्रमा की।

  • मथुरा-वृंदावन: बांके बिहारी और अन्य मंदिरों में ‘जय श्री कृष्ण’ के साथ ‘जय हिंद’ के नारे गूंज रहे हैं। मंदिरों को केसरिया, सफेद और हरे रंग की रोशनी से सजाया गया है।

4. सुरक्षा और प्रबंधन

भारी भीड़ और ‘गणतंत्र दिवस’ की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:

  • सुरक्षा अलर्ट: खुफिया एजेंसियों द्वारा ’26-26′ नामक संदिग्ध कोडवर्ड और आतंकी धमकियों के मद्देनजर अयोध्या और प्रयागराज में ड्रोन सर्विलांस और AI-आधारित कैमरों से निगरानी की जा रही है।

  • यात्री सुविधाएं: रेलवे और परिवहन विभाग ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अयोध्या और प्रयागराज के लिए 50 से अधिक ‘स्पेशल मेला ट्रेनें’ संचालित की हैं।

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