कानपुर । बुधवार, 27 मई 2026
उत्तर प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक, कानपुर की चकरपुर और नौबस्ता गल्ला मंडियों में इस बुधवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जहां एक ओर गेहूं और अन्य मोटे अनाजों (जौ, ज्वार, बाजरा) की कीमतों में स्थिरता का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर दलहन खंड में जोरदार हलचल दर्ज की गई। घरेलू बाजारों में दालों की बढ़ती खपत और सीमित आवक के चलते अरहर (तुअर) और चने के भाव काफी मजबूत स्थिति में बंद हुए।
व्यापारियों और मंडी विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान में किसानों की आवक सामान्य है, लेकिन त्योहारों और घरेलू मांग के कारण खरीदार काफी सक्रिय हैं, जिससे कीमतों में गिरावट के आसार बेहद कम हैं।
खाद्यान्न और अनाज बाजार: गेहूं को मिला स्थिरता का कवच
मंडी में सामान्य गेहूं (दड़ा/मिल क्वालिटी) की आवक पर्याप्त मात्रा में हो रही है, जिससे इसके दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। हालांकि, उच्च गुणवत्ता वाले ‘फार्म गेहूं’ और ‘आर.आर. 21’ जैसी प्रीमियम वैरायटी की मांग बाजार में लगातार बनी हुई है।
अनाज बाजार के थोक भाव इस प्रकार दर्ज किए गए:
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गेहूं दड़ा (मिल क्वालिटी): ₹2,600 से ₹2,625 प्रति क्विंटल
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गेहूं आर.आर. 21: ₹2,700 से ₹2,750 प्रति क्विंटल
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गेहूं फार्म (प्रीमियम वैरायटी): ₹2,800 से ₹2,850 प्रति क्विंटल
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जौ: ₹2,400 से ₹2,500 प्रति क्विंटल
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ज्वार: ₹2,100 से ₹2,150 प्रति क्विंटल
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बाजरा: ₹1,800 से ₹1,900 प्रति क्विंटल
मोटे अनाजों के मामले में इस बार बाजार का रुख संतुलित है। नई फसल आने के बाद से कीमतों में जो उतार-चढ़ाव देखा जा रहा था, वह अब एक सीमित दायरे में ठहर गया है।
दलहन बाजार में तेजी: अरहर और चने ने पकड़ी रफ्तार
इस सप्ताह कानपुर मंडी में सबसे ज्यादा चर्चा दलहन खंड (दालों के बाजार) की है। घरेलू स्तर पर स्टॉक की कमी और शादी-ब्याह के सीजन के चलते दालों की मांग में अचानक तेजी आई है। इसका सीधा असर थोक कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
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साबुत अरहर (तुअर): मजबूत मांग के चलते इसके भाव ₹7,100 से लेकर ₹7,200 प्रति क्विंटल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। वहीं, अगर प्रोसेस्ड अरहर दाल (फूल और स्पेशल) की बात करें, तो खुदरा और थोक स्तर पर इसकी कीमतें काफी मजबूत बनी हुई हैं।
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चना (साबुत): चने का बाजार भी ₹5,500 से ₹5,600 प्रति क्विंटल के बीच कारोबार कर रहा है। बेसन और अन्य सत्तू उत्पादों के लिए मिलर्स की लगातार खरीदारी से चने को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।
बाजार एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?
कानपुर गल्ला मंडी के वरिष्ठ व्यापारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति, बाहरी राज्यों से होने वाली आवक और सरकारी नीतियों के आधार पर कीमतों में कुछ और करेक्शन्स (संशोधन) देखने को मिल सकते हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली उपज लेकर आने वाले किसानों को व्यापारी हाथों-हाथ बेहतर दाम दे रहे हैं।
आगामी दिनों के लिए बाजार का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमानों और देश के अन्य बड़े कृषि केंद्रों की हलचल को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि जून महीने की शुरुआत तक दलहन की कीमतों में तेजी का यह रुख बरकरार रह सकता है। व्यापारियों को सलाह है कि वे बाजार की हर छोटी-बड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए रखें।
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