रविवार, सितंबर 20 2026 | 03:23:13 AM

संसद बजट सत्र 2026 की शुरुआत: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का विकसित भारत विज़न और सरकार की बड़ी घोषणाएं

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read

नई दिल्ली. भारत के संसद का बजट सत्र 2026 आज 28 जनवरी 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए देश के समग्र विकास, आर्थिक मजबूती, सामाजिक न्याय और तकनीकी आत्मनिर्भरता का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। उनके अभिभाषण का केंद्रीय विषय “विकसित भारत” और सरकार के दीर्घकालिक विज़न पर केंद्रित रहा।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की प्रमुख बातें

1. विकसित भारत और ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अब विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। सुधारों की गति को उन्होंने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की संज्ञा दी और स्पष्ट किया कि यह रफ्तार किसी भी परिस्थिति में धीमी नहीं होगी। सरकार संरचनात्मक सुधारों, निवेश आधारित विकास और आत्मनिर्भर भारत की नीति पर लगातार आगे बढ़ रही है।

2. ग्रामीण रोजगार: VB-G RAM G कानून

उन्होंने ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G RAM G) कानून का उल्लेख किया, जिसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक परिवार को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह योजना गाँवों में गरीबी उन्मूलन, पलायन रोकने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।

3. आर्थिक उपलब्धियाँ

पिछले 11 वर्षों में भारत की आर्थिक नींव को मजबूत बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने:

- Advertisement -
  • 350 मिलियन टन से अधिक खाद्यान्न उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया है
  • भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है
  • कृषि, उद्योग, MSME और स्टार्टअप सेक्टर में व्यापक विस्तार हुआ है
  • भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख आर्थिक केंद्र बनकर उभरा है

4. रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

राष्ट्रपति ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से भारतीय सेना के शौर्य, साहस और रणनीतिक क्षमता की सराहना की। साथ ही बताया कि:

  • वर्ष 2025 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच चुका है
  • भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर है
  • स्वदेशी तकनीक और मेक इन इंडिया रक्षा नीति को मजबूती मिली है

5. सामाजिक न्याय और समावेशी विकास

सरकार की सामाजिक नीतियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि:

  • पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक नागरिक गरीबी रेखा से बाहर आए हैं
  • लगभग 95 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिल रहा है
  • आयुष्मान भारत, पीएम आवास योजना, उज्ज्वला योजना और जनधन योजना जैसी योजनाओं ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाया है

6. तकनीक, डिजिटल इंडिया और अंतरिक्ष क्षेत्र

राष्ट्रपति ने भारत की तकनीकी प्रगति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि:

  • भारत अब अपने स्वदेशी अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में अग्रसर है
  • जल्द ही देश में 10 सेमीकंडक्टर फैक्ट्रियाँ परिचालन शुरू करेंगी
  • डिजिटल इंडिया, AI, 5G, साइबर सुरक्षा और स्पेस टेक्नोलॉजी भारत की नई पहचान बन रही हैं

संसद बजट सत्र 2026 का पूरा कार्यक्रम

  • 29 जनवरी 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत किया जाएगा
  • 1 फरवरी 2026 (रविवार): देश का बहुप्रतीक्षित केंद्रीय बजट 2026-27 संसद में पेश किया जाएगा
  • सत्र की अवधि: बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होगा और 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा

बजट सत्र 2026 से देश की प्रमुख अपेक्षाएँ

इस बजट सत्र से देश को कई बड़ी घोषणाओं की उम्मीद है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • मध्यम वर्ग के लिए टैक्स राहत
  • रोजगार सृजन योजनाओं का विस्तार
  • कृषि और ग्रामीण विकास के लिए नई योजनाएँ
  • शिक्षा और स्वास्थ्य बजट में वृद्धि
  • डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप सेक्टर को नई मजबूती
  • इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी परियोजनाओं में निवेश

निष्कर्ष

संसद का बजट सत्र 2026 भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक सत्र माना जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास नहीं, बल्कि समावेशी, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्व करने वाला भारत बनाना है। आने वाले दिनों में आर्थिक सर्वेक्षण और केंद्रीय बजट 2026-27 देश की अर्थव्यवस्था, आम जनता और विकास योजनाओं के लिए नई दिशा तय करेंगे।

- Advertisement -

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।