नई दिल्ली | शनिवार, 28 मार्च 2026
पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण तनाव और समुद्री मार्गों पर मिसाइल हमलों के खतरे के बीच आज, 28 मार्च 2026 को भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय नौसेना के ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ (Operation Urja Suraksha) के तहत एस्कॉर्ट किए जा रहे कई महत्वपूर्ण तेल और गैस जहाज आज सुरक्षित भारतीय तटों पर पहुंच गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘हाई-रिस्क जोन’ बन चुके होर्मुज जलडमरूमध्य से इन जहाजों का निकलना भारत की मजबूत कूटनीति और नौसैनिक शक्ति का प्रमाण है।
🚢 आज पहुंचे प्रमुख जहाजों का रिपोर्ट कार्ड (28 मार्च 2026)
आज गुजरात, केरल और तमिलनाडु के बंदरगाहों पर रसद की अनलोडिंग शुरू हो चुकी है:
| जहाज का नाम | कार्गो (Cargo) | मात्रा (लगभग) | बंदरगाह (Port) | वर्तमान स्थिति |
| Olympic Future | कच्चा तेल (Crude) | 1,25,000 टन | कोचीन, केरल | आगमन (Arrived) |
| Pine Gas | LPG (रसोई गैस) | 46,000 मी. टन | वाडिनार/मुंद्रा | सुरक्षित लैंडिंग |
| Gaslog Salem | LNG (प्राकृतिक गैस) | – | एन्नोर, तमिलनाडु | आगमन (Arrived) |
| MT Jumbo | कच्चा तेल (रूस से) | 1,00,000+ टन | विशाखापत्तनम | अनलोडिंग जारी |
| Desh Bhakt | कच्चा तेल (Crude) | 83,000 टन | भोगाट, गुजरात | आगमन (Arrived) |
| Fortune | बेस ऑयल | 9,000 टन | चेन्नई, तमिलनाडु | आगमन (Arrived) |
🚩 युद्धग्रस्त क्षेत्रों से चुनौतीपूर्ण सफर
वर्तमान में भारतीय जहाजों को दो मुख्य मोर्चों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
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होर्मुज की घेराबंदी: ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में आवाजाही पर कड़े प्रतिबंधों और GPS ब्लैकआउट के बावजूद, भारतीय नौसेना के युद्धपोत (जैसे INS तलवर) जहाजों को ‘ईरानी तट रेखा’ के करीब से सुरक्षित निकाल रहे हैं। ‘Pine Gas’ और ‘Gaslog Salem’ इसी जोखिम भरे रास्ते से आए हैं।
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लाल सागर का विकल्प: हुती विद्रोहियों के हमलों के कारण रूस और यूरोप से आने वाले जहाज अब स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के नीचे ‘केप ऑफ गुड होप’ का लंबा रास्ता (12-15 दिन अतिरिक्त) अपना रहे हैं।
📅 अगले 7 दिनों का ‘ब्लूप्रिंट’: भारी मात्रा में आ रहा है तेल
आने वाले एक हफ्ते में भारत के ऊर्जा भंडार को और मजबूती मिलेगी:
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29 मार्च: Sonangol Sambizanga (अंगोला से LNG) दाहेज पहुंचेगा।
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29 मार्च: Sunriseway (1.21 लाख टन तेल) न्यू मंगलौर पहुंचेगा।
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30 मार्च: Hellas Gladiator (USA से 24,000 टन LPG) विशाखापत्तनम पहुंचेगा।
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31 मार्च: Apollo Ocean (LPG) कोचीन पहुंचेगा।
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04 अप्रैल: Ethane Sapphire (एथेन गैस) दाहेज पोर्ट पहुंचेगा।
💡 सरकार की रणनीति: बैकअप प्लान तैयार
ऊर्जा संकट को टालने के लिए केंद्र सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं:
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उत्पादन में वृद्धि: घरेलू रिफाइनरियों में LPG उत्पादन को 40% तक बढ़ा दिया गया है ताकि खाड़ी देशों पर निर्भरता कम हो।
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वैकल्पिक स्रोत: भारत ने अर्जेंटीना से LPG आयात दोगुना कर दिया है और अमेरिका से 2.2 मिलियन टन LPG का दीर्घकालिक समझौता किया है।
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राहत: आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए सरकार ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की एक्साइज ड्यूटी कम की है।
मुख्य बिंदु:
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ऑपरेशन संकल्प: भारतीय नौसेना के कड़े पहरे में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित निकले ईंधन टैंकर।
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आज का बड़ा आगमन: कोचीन और मुंद्रा पोर्ट पर 1.25 लाख टन कच्चा तेल और 46,000 टन रसोई गैस (LPG) की सफल लैंडिंग।
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संकट का समाधान: सरकार ने घरेलू LPG उत्पादन 40% बढ़ाया; अर्जेंटीना और अमेरिका से वैकल्पिक आपूर्ति शुरू।
निष्कर्ष: हालांकि अभी भी करीब 20-22 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में सुरक्षा कारणों से रुके हुए हैं, लेकिन आज के जहाजों का सुरक्षित आगमन इस बात का संकेत है कि भारत का ‘ऊर्जा गलियारा’ पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
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