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गाजियाबाद में बड़ा एक्शन: ट्रोनिका सिटी में करोड़ों की सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार पर गरजा बुलडोजर, भारी पुलिस फोर्स तैनात

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गाजियाबाद के लोनी ट्रोनिका सिटी में अवैध मजार को ध्वस्त करता हुआ प्रशासनिक बुलडोजर और मुस्तैद पुलिस बल

गाजियाबाद। रविवार, 28 जून 2026

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आ रही है। लोनी के ट्रॉनिका सिटी (Tronica City) औद्योगिक क्षेत्र में सरकारी जमीन और ग्रीन बेल्ट पर अवैध रूप से कब्जा कर बनाई गई एक मजार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। रविवार सुबह करीब 11 बजे जिला प्रशासन और भारी पुलिस अमला मौके पर पहुंचा, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई शुरू की गई।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच चलाई गई इस मुहिम के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए करीब 650 से 1,000 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी (PAC) की दो कंपनियां तैनात की गईं।

ग्रीन बेल्ट और यूपीसीडा की भूमि पर था कब्जा

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह अवैध मजार ट्रांस दिल्ली सिग्नेचर सिटी (ट्रोनिका सिटी) के सेक्टर सी-8 (गांव लुत्फुल्लापुर) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में स्थित थी। यह पूरी जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDC / UPSIDA) के स्वामित्व में है, जिसका अधिग्रहण बहुत पहले 23 नवंबर 1989 को ही कर लिया गया था।

प्रशासनिक जांच में यह साफ हुआ कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध था और यह करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन व पर्यावरण के लिए आरक्षित ग्रीन बेल्ट का हिस्सा थी।

महत्वपूर्ण तथ्य: इस जमीन के मूल अधिग्रहण की तारीख 23 नवंबर 1989 है, जिसके बाद से ही इसे सरकारी संपत्ति घोषित किया जा चुका था।

कोरोना काल में रात के अंधेरे में हुआ था अवैध निर्माण

डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी और स्थानीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस स्थल पर अतिक्रमण हटाने के लिए साल 2017 (31 मई 2017) में भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स्तर से नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों ने निर्माण नहीं हटाया।

इसके बाद साल 2021 में, जब पूरा देश कोरोना महामारी के संकट और लॉकडाउन से जूझ रहा था, तब रात के अंधेरे में चोरी-छिपे इस मजार के मुख्य गुंबद का निर्माण कर दिया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यहां अन्य प्रकार के अवैध निर्माण और कब्जे भी बढ़ा दिए गए।

डीएम के निर्देश पर त्वरित प्रशासनिक एक्शन

जिलाधिकारी (DM) रविंद्र कुमार मांदड़ को इस अवैध निर्माण के संबंध में पुख्ता शिकायतें और इनपुट मिले थे। शिकायत का संज्ञान लेते हुए डीएम ने लोनी के उपजिलाधिकारी (SDM) और तहसीलदार को मामले की गहन जांच सौंप दी। राजस्व टीम की पैमाइश और जांच में जब यह साबित हो गया कि मजार पूरी तरह सरकारी संपत्ति पर बनी है, तो तत्काल ध्वस्तीकरण की रूपरेखा तैयार की गई।

रविवार सुबह प्रशासन 2 भारी-भरकम बुलडोजर और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। ट्रॉनिका सिटी गेट नंबर-1 और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा मजबूत करते हुए बाहरी तत्वों और आम लोगों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया ताकि किसी भी प्रकार का उपद्रव या अफवाह न फैल सके।

अवैध निर्माण करने वालों पर होगी FIR

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें अब यह जांच कर रही हैं कि इस सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण को किसने और किसके शह पर बढ़ावा दिया था। इन सभी आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ जल्द ही नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।

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