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क्या कैनबिस की पत्तियां और डंठल भी ‘गांजा’ हैं? दिल्ली हाईकोर्ट ने NDPS Act पर सुनाया अहम फैसला

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दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला: NDPS Act के तहत गांजे की परिभाषा में केवल फ्लावरिंग या फ्रूटिंग टॉप्स शामिल हैं।
नई दिल्ली | शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act, 1985) के तहत ‘गांजा’ (Ganja) की वैधानिक परिभाषा को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत के इस फैसले से एनडीपीएस कानून के तहत जब्ती और मात्रा (Quantity) के निर्धारण को लेकर लंबे समय से चले आ रहे संशय को दूर करने में मदद मिलेगी।

क्या है मामला और कोर्ट ने क्या कहा?

अदालत ने स्पष्ट किया कि कैनबिस (Cannabis) पौधे की सिर्फ पत्तियां, बीज, डंठल या टहनियां अपने आप में कानूनी रूप से ‘गांजा’ नहीं मानी जाती हैं। NDPS Act की धारा 2(iii)(b) के तहत गांजा की स्पष्ट व्याख्या दी गई है, जिसके अनुसार:
  • फ्लावरिंग या फ्रूटिंग टॉप्स (Flowering/Fruiting Tops): गांजा से तात्पर्य केवल पौधे के शीर्ष भाग (फूल या फल वाले हिस्से) से है।
  • गैर-नशीले हिस्से अलग करना अनिवार्य: यदि जब्त की गई सामग्री में फूल/फल के साथ पत्तियां, बीज और टहनियां भी शामिल हैं, तो सजा या जमानत तय करने के लिए गैर-नशीले हिस्सों का वजन अलग करना बेहद जरूरी है।
  • अकेले पत्तियों का दर्जा: जब पत्तियां या डंठल बिना फूल/फल वाले हिस्सों (Tops) के पाई जाती हैं, तो उन्हें कानूनन गांजा नहीं माना जा सकता (जब तक कि वे भांग बनाने के संदर्भ में न हों, जो राज्य के कानूनों के अधीन आती है)।

वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity) पर संशय और जमानत

अदालत के समक्ष आए एक मामले में जांच एजेंसी द्वारा जब्त सामग्री का कुल वजन 21.95 किलोग्राम दर्शाया गया था। NDPS Act के तहत 20 किलोग्राम से अधिक वजन को वाणिज्यिक मात्रा (Commercial Quantity) माना जाता है, जिसमें कठोर कानूनी प्रावधान और जमानत मिलने में भारी कठिनाई होती है।
हालांकि, जब सामग्री की जांच की गई, तो उसमें बड़ी मात्रा में पत्तियां और मोटी शाखाएं भी शामिल थीं। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि इन गैर-नशीले हिस्सों का वजन हटा दिया जाए, तो वास्तविक गांजे की मात्रा 20 किलोग्राम की वाणिज्यिक सीमा से कम हो सकती है। इस तकनीकी और कानूनी आधार पर अदालत ने आरोपियों को जमानत दे दी।

फैसले का व्यावहारिक अर्थ और असर

इस फैसले का विश्लेषण करते हुए दो प्रमुख बातें सामने आती हैं:
  1. जब्ती प्रक्रिया में सुधार: अब जांच एजेंसियों (पुलिस/एनसीबी) को जब्ती सूची बनाते समय और फोरेंसिक (FSL) जांच के दौरान गांजे के मुख्य भाग (Flowering Tops) और बाकी हिस्सों का अलग-अलग वजन स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा।
  2. गांजा रखना वैध नहीं हुआ: यह निर्णय किसी भी तरह से गांजा रखने, बेचने या सेवन करने को वैध (Legalize) नहीं बनाता है। अपराध की गंभीरता और जमानत की शर्तों का सही निर्धारण करने के लिए यह एक प्रक्रियात्मक और कानूनी स्पष्टीकरण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या इस फैसले के बाद गांजा रखना कानूनी हो गया है?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। गांजा रखना, बेचना और सेवन करना NDPS Act के तहत अभी भी गैर-कानूनी और दंडनीय अपराध है।

2. NDPS Act में गांजा की स्मॉल और कमर्शियल मात्रा कितनी है?

उत्तर: 1 किलोग्राम तक की मात्रा को ‘छोटी मात्रा’ (Small Quantity) और 20 किलोग्राम या उससे अधिक को ‘वाणिज्यिक मात्रा’ (Commercial Quantity) माना जाता है।

3. पत्तियों और डंठल का वजन अलग करना क्यों जरूरी है?

उत्तर: क्योंकि NDPS Act की धारा 2(iii)(b) के अनुसार केवल फ्लावरिंग या फ्रूटिंग टॉप्स ही गांजा हैं। यदि पत्तियों का वजन जोड़कर केस को जबरन कमर्शियल क्वांटिटी में बदला जाता है, तो यह अभियुक्त के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसे किसी भी कानूनी मामले में आधिकारिक कानूनी सलाह या न्यायालय के पूर्ण फैसले के विकल्प के रूप में न माना जाए। किसी भी कानूनी कार्यवाही के लिए आधिकारिक कोर्ट ऑर्डर और कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श करें।
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