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उत्तर प्रदेश बिजली बिल अपडेट 2026: फरवरी में 10% बढ़ोतरी, नए कनेक्शन आधे दाम पर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए फरवरी 2026 कई बड़े बदलाव लेकर आ रहा है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने फ्यूल सरचार्ज, कनेक्शन शुल्क, स्मार्ट मीटर और राहत योजनाओं से जुड़े अहम फैसले लागू किए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।

फरवरी 2026 से बिजली बिल में 10% की वृद्धि

UPPCL ने फरवरी 2026 से बिजली बिलों में 10% फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) लागू करने का आदेश जारी किया है।

कारण:
नवंबर 2025 में खरीदी गई महंगी बिजली की लागत की भरपाई के लिए यह वृद्धि की जा रही है।

असर:
जनवरी 2026 में उपयोग की गई बिजली का भुगतान फरवरी के बिल में लगभग 10% अतिरिक्त राशि के साथ करना होगा।

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उपभोक्ता परिषद ने इस बढ़ोतरी को अनुचित बताते हुए जांच की मांग की है।

जनवरी 2026 के बिल में राहत

फरवरी की बढ़ोतरी से पहले उपभोक्ताओं को जनवरी 2026 के बिल में राहत दी गई है।

छूट:
जनवरी बिल में 2.33% की छूट दी जा रही है।

कारण:
अक्टूबर 2025 के ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge Adjustment) का समायोजन।

नए बिजली कनेक्शन अब आधे दाम पर

UPPCL ने कॉस्ट डाटा बुक 2026 लागू कर नई कनेक्शन दरों में बड़ी कटौती की है।

मुख्य बदलाव:

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  • 1 और 2 किलोवॉट कनेक्शन की लागत लगभग 50% कम
  • पहले लागत: लगभग ₹6,400
  • अब लागत: लगभग ₹3,198

स्मार्ट मीटर अपडेट:

  • सिंगल फेस स्मार्ट मीटर: ₹2,800
  • स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर अब सिक्योरिटी राशि नहीं लगेगी

बिजली बिल राहत योजना 2025-26

पुराने बकाया बिलों के निपटान के लिए राज्य सरकार और UPPCL की विशेष योजना लागू है।

सुविधाएं:

  • किस्तों में भुगतान की सुविधा
  • वन-टाइम सेटलमेंट (OTS) विकल्प

पंजीकरण:
योजना के पंजीकरण की तिथियों का विस्तार समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाता है।

ऑनलाइन सेवाएं और डिजिटल सुविधाएं

अब उपभोक्ता डिजिटल माध्यम से आसानी से सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

डिजिटल सुविधाएं:

  • WhatsApp सेवा: आधिकारिक नंबर पर सब्सक्राइब कर बिल प्राप्त करें
  • UPPCL पोर्टल: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए एकीकृत पोर्टल
  • Quick Pay: बिना लॉगिन किए सीधा भुगतान

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।